नई दिल्ली / पटना:
बिहार के भोजपुर जिले में हुए बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले (Bharat Tiwari Encounter Case) ने अब देश की राजधानी दिल्ली तक दस्तक दे दी है। मृतक भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी ने दिल्ली पहुंचकर इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
चंदन तिवारी का सीधा आरोप है कि बिहार पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारी दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें न्याय के लिए दिल्ली का रुख करना पड़ा है।
हथियार डालने के बाद भी मारी गई गोली” — भाई के गंभीर आरोप
दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए चंदन तिवारी ने घटनाक्रम का जिक्र किया और पुलिस की थ्योरी पर बड़े सवाल खड़े किए:
- सरेंडर के बाद हत्या का दावा: चंदन तिवारी के मुताबिक, उनके भाई भरत तिवारी ने फेसबुक लाइव के दौरान ही पुलिस के आश्वासन पर अपना तमंचा जमीन पर फेंक दिया था। लेकिन हथियार डालने और मोबाइल कैमरा बंद होते ही पुलिस ने धोखे से उन पर गोलियां चला दीं।
- फर्जी एनकाउंटर का आरोप: परिवार का आरोप है कि पुलिस इसे आत्मरक्षा में किया गया एनकाउंटर बता रही है, जो कि पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत है।
- 302 के तहत कार्रवाई की मांग: पीड़ित भाई ने मांग की है कि एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर हत्या (IPC/BNS की धारा 302) का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए या फांसी की सजा दी जाए।
दिल्ली आने की वजह: “बिहार में जांच निष्पक्ष नहीं”
चंदन तिवारी ने दिल्ली आकर राष्ट्रीय मंचों और मानवाधिकार संगठनों का ध्यान इस ओर खींचने की कोशिश की है। उन्होंने कहा:
“एनकाउंटर को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। हमें बिहार पुलिस की अंदरूनी जांच पर भरोसा नहीं है। रसूखदार अधिकारियों को बचाने के लिए फाइलों और बयानों को दबाया जा रहा है। जब तक मेरे भाई को न्याय नहीं मिलेगा, हम शांत नहीं बैठेंगे।”
बिहार में गहराया सियासी घमासान
भोजपुर में हुए इस एनकाउंटर के बाद से ही पूरे बिहार में भारी आक्रोश है। स्थानीय जनता और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस मामले को लेकर नीतीश सरकार को घेरा है।
- न्यायिक जांच की मांग: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच की अधिसूचना जारी की है।
- जनता का आक्रोश: पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने तक परंपरा के मुताबिक १३वें दिन का भोज और अन्य कार्यक्रम भी टाल दिए हैं।
दिल्ली पहुंचे चंदन तिवारी के इन तीखे आरोपों के बाद अब यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ता नजर आ रहा है, जिससे बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर चौतरफा दबाव बढ़ गया है
