रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों को लेकर चल रही चर्चा के बीच भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तंज कसा है। कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए चार वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में आने के बाद चंद्राकर ने कहा, “सूत न कपास, जुलाहे से लट्ठम-लट्ठ… आखिर सपना देखने में क्या बुराई है।”
दरअसल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की ओर से पार्टी के चार वरिष्ठ नेताओं को मुख्यमंत्री पद के लिए योग्य बताए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर बयानबाजी शुरू हुई है। बाद की चर्चाओं में अन्य नेताओं के नाम भी जोड़े गए हैं।
‘पिछली सरकार के कामकाज की मिसाल लोगों के जेहन में’
अजय चंद्राकर ने कांग्रेस के पिछले कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह कांग्रेस ने पांच साल सरकार चलाई, उसके बाद जनता उसे दोबारा सत्ता में नहीं लाएगी। उन्होंने कांग्रेस के कई नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें “जले हुए कारतूस” बताया। यह चंद्राकर की राजनीतिक टिप्पणी है।
चंद्राकर के इस बयान के बाद कांग्रेस की ओर से भी पलटवार सामने आया। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि चंद्राकर का बयान उनकी अपनी व्यथा को दर्शाता है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी ही पार्टी ने अजय चंद्राकर को “जला हुआ कारतूस” बना दिया है।
प्रार्थना सभा के आवेदन पर भी चंद्राकर ने उठाए सवाल
धमतरी समेत प्रदेश के कुछ इलाकों में प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए आवेदन दिए जाने की खबरों पर भी अजय चंद्राकर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए आवेदन देने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
चंद्राकर ने आरोप लगाया कि मिशनरियां कानून के दायरे से बचने के लिए नए तरीके अपना रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर कोई व्यक्ति चर्च, मंदिर या मजार में जाता है तो क्या उसे भी आवेदन देना पड़ेगा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, धमतरी में प्रार्थना सभाओं में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन मिलने की बात सामने आई है।
अमित जोगी की कांग्रेस में वापसी पर भी बयान
कांग्रेस में अमित जोगी की वापसी की चर्चाओं को लेकर भी अजय चंद्राकर ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर अमित जोगी कांग्रेस में वापस आते हैं तो इससे पार्टी के कई नेताओं की “दुकान बंद” हो सकती है। उनके मुताबिक, इसी वजह से कांग्रेस में उन्हें वापस लाने को लेकर असमंजस हो सकता है।
गौरतलब है कि अमित जोगी समेत पार्टी से निष्कासित नेताओं की वापसी को लेकर कांग्रेस में हाल में अनुशासन समिति के स्तर पर चर्चा हुई थी, हालांकि अलग-अलग नेताओं के मामलों पर अंतिम निर्णय की स्थिति अलग है।
भाजपा के पोस्टर और सरकार की उपलब्धियों पर शुक्ला का पलटवार
अजय चंद्राकर के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं पर तंज कसना भाजपा की आदत बन गई है और इससे कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ता।
शुक्ला ने दावा किया कि भाजपा के पास अपनी सरकार की उपलब्धियां बताने के लिए पर्याप्त बातें नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी सरकार की उपलब्धियों को लेकर ऐसी पोस्ट नजर नहीं आतीं, जिनसे भाजपा अपने कामकाज को प्रमुखता से सामने रख सके।
इस तरह कांग्रेस के संभावित मुख्यमंत्री चेहरों को लेकर शुरू हुई चर्चा अब भाजपा-कांग्रेस के नेताओं के बीच बयानबाजी का मुद्दा बन गई है। फिलहाल यह चर्चा राजनीतिक बयानों और पार्टी नेताओं की प्रतिक्रियाओं तक सीमित है।
