निकाय चुनाव से पहले जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, कांग्रेस नेता को बेदखली नोटिस के बाद भाजपा नेताओं पर भी उठे सवाल

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भोपालपट्टनम, 22 सितंबर 2026। नगर पंचायत चुनाव से पहले बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने कांग्रेस नेता बसंत राव ताटी को जारी बेदखली नोटिस को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं पर दबाव बनाने के लिए जमीन से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में विक्रम मंडावी ने कहा कि यदि सरकारी या वन भूमि पर कब्जे के मामले हैं तो प्रशासन को सभी मामलों में समान रूप से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं के नाम भी कथित भूमि कब्जे की शिकायतों से जुड़े होने का दावा किया और इन मामलों की जांच कराने की मांग की।

कांग्रेस नेता को जारी नोटिस पर विधायक ने उठाए सवाल

विधायक ने बसंत राव ताटी को जारी बेदखली आदेश का हवाला देते हुए कहा कि निकाय चुनाव से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई सवाल खड़े करती है। उनके मुताबिक, जमीन से जुड़े पुराने मामलों और दस्तावेजों की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।

कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि विधायक ने दावा किया कि बसंत राव ताटी को करीब 50 साल पहले पट्टा आवंटित किया गया था और संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

हालांकि, विधायक की ओर से लगाए गए राजनीतिक दबाव और कार्रवाई में भेदभाव के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित जमीन का वास्तविक रिकॉर्ड, पट्टा और बेदखली आदेश का आधार प्रशासनिक एवं न्यायिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगा।

भाजपा नेताओं के कथित कब्जों की भी जांच की मांग

विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सरकारी और वन भूमि से जुड़े मामलों में भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं के नाम भी शिकायतों में सामने आए हैं। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि यदि इन मामलों में शिकायतें या राजस्व रिकॉर्ड मौजूद हैं तो उनकी भी जांच होनी चाहिए।

विधायक ने मांग की कि जमीन से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए, ताकि किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव न हो।

प्रशासन ने जांच कराने की बात कही

मामले में प्रशासन की ओर से कहा गया है कि विधायक और कांग्रेस की ओर से ज्ञापन में जिन नए नामों का उल्लेख किया गया है, उनकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए संबंधित पटवारी से जांच प्रतिवेदन मंगाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसका मतलब है कि फिलहाल विधायक द्वारा बताए गए नए नामों पर किसी कार्रवाई की पुष्टि प्रशासन ने नहीं की है। पहले राजस्व रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

चुनाव से पहले गरमाया राजनीतिक माहौल

भोपालपट्टनम और आसपास के नगर पंचायत क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां बढ़ने के बीच जमीन और बेदखली का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। कांग्रेस विधायक इसे कार्रवाई में कथित असमानता से जोड़ रहे हैं, जबकि प्रशासन ने शिकायतों और सामने आए नामों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कदम उठाने की बात कही है।

अब प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि संबंधित जमीनों के रिकॉर्ड में क्या स्थिति सामने आती है और किन मामलों में आगे कार्रवाई की जाती है।

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