रायपुर। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ के साथ हरियाणा का भी प्रभारी बनाया है, जबकि सिद्धार्थ शंभू को छत्तीसगढ़ का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
नियुक्ति के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर स्मृति ईरानी के पुराने बयानों, महंगाई, गैस सिलेंडर और शक्कर की कीमतों को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस की ओर से स्मृति ईरानी के संसद में दिए गए भाषण का हवाला देते हुए भाजपा सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा गया।
अरुण साव बोले- अमेठी की चुनावी हार का खौफ दिख रहा
कांग्रेस के पोस्टर पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि स्मृति ईरानी ने अमेठी में राहुल गांधी को चुनाव में हराया था और अब उनके छत्तीसगढ़ प्रभारी बनने के बाद कांग्रेस में उसका डर दिखाई दे रहा है।
साव ने स्मृति ईरानी के संगठनात्मक और राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रही हैं। उनके मुताबिक, स्मृति ईरानी के प्रदेश प्रभारी बनने से भाजपा के संगठनात्मक कामकाज को मजबूती मिलेगी।
कांग्रेस ने महंगाई के पुराने बयानों को बनाया मुद्दा
दूसरी ओर, कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने स्मृति ईरानी के पुराने महंगाई विरोधी प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आने के बाद कांग्रेस उनसे महंगाई के मुद्दे पर सवाल करेगी।
शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस लगातार महंगाई को लेकर भाजपा को घेरती रही है। उन्होंने स्मृति ईरानी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए गैस सिलेंडर, पेट्रोल और शक्कर की कीमतों को लेकर भाजपा से जवाब मांगने की बात कही।
कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में स्मृति ईरानी के पुराने भाषण और मौजूदा भाजपा सरकार की नीतियों के बीच तुलना करते हुए सवाल उठाए गए हैं। वहीं भाजपा नेताओं की ओर से कांग्रेस के इस अभियान को स्मृति ईरानी की नियुक्ति के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
निकाय चुनाव को लेकर भी बोले अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आगामी निकाय चुनावों को लेकर कहा कि भाजपा चुनाव के लिए तैयार है और पार्टी की चुनावी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार जनता के बीच काम कर रही है।
साव ने दावा किया कि पार्टी 15 निकायों के चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और अधिकांश निकायों में जीत दर्ज करेगी। यह भाजपा की ओर से व्यक्त किया गया राजनीतिक दावा है।
नई जिम्मेदारी के साथ संगठन पर रहेगा फोकस
स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू की नियुक्तियां भाजपा के व्यापक संगठनात्मक फेरबदल का हिस्सा हैं। नई व्यवस्था में स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ भाजपा और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय, संगठनात्मक कार्यक्रमों की निगरानी और पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा जैसी जिम्मेदारियां संभालेंगी।
स्मृति ईरानी की नियुक्ति के बाद अब आने वाले दिनों में कांग्रेस और भाजपा के बीच महंगाई, संगठन और सरकार के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। दोनों दल अपने-अपने मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी में हैं।
