रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांटेड आरोपी अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि CBI ने उसे हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उस समय पकड़ा, जब वह दुबई से भारत पहुंचा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया और इसके बाद उसे रायपुर लाया गया।
रायपुर पहुंचने के बाद CBI ने अभिषेक कुमार को अदालत में पेश किया। कोर्ट ने जांच एजेंसी को आरोपी की दो दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की है। अब CBI उससे महादेव सट्टा ऐप से जुड़े नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और अन्य आरोपियों से उसके संबंधों को लेकर पूछताछ कर रही है।
पैनल कोऑर्डिनेशन और फंड जुटाने का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक, अभिषेक कुमार की महादेव बुक के पैनल कोऑर्डिनेट करने और उससे जुड़े फंड को जुटाने में कथित भूमिका रही है। उस पर महादेव ऐप के प्रमुख आरोपियों सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ मिलकर काम करने का भी आरोप है।
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि अवैध सट्टेबाजी से जुड़े पैसों का इस्तेमाल विदेश में संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। CBI अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी का नेटवर्क कितना बड़ा था और उसके जरिए किन लोगों तक रकम पहुंचाई जाती थी।
13 FIR के आधार पर CBI कर रही जांच
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज FIR के आधार पर CBI जांच कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने जुलाई 2026 में भी मामले में कई चार्जशीट दाखिल की थीं। PIB के अनुसार, CBI ने महादेव ऐप से जुड़े मामलों में अलग-अलग चार्जशीट के जरिए कई आरोपियों को नामजद किया है और मुख्य आरोपियों सौरभ चंद्राकर तथा रवि उप्पल से संबंधित साक्ष्य भी पेश किए हैं।
जांच के दौरान पैनल ऑपरेटरों और सट्टा सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। CBI की कार्रवाई का उद्देश्य इस पूरे नेटवर्क के संचालन, फंडिंग और कथित आपराधिक लेनदेन की कड़ियों को जोड़ना है।
100 से ज्यादा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
मामले की जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है। CBI की ओर से अब तक कई चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं। जुलाई में गृह मंत्रालय के PIB ने बताया था कि CBI ने महादेव ऐप से जुड़े मामलों में कुल छह आरोपियों के खिलाफ एक चार्जशीट और 66 आरोपियों के खिलाफ पांच अन्य चार्जशीट दाखिल की थीं।
वहीं, महादेव ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई भी जारी है। सितंबर 2026 में ED ने EaseMyTrip के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी को मामले में आरोपी बनाया और उनकी करीब 59.60 करोड़ रुपये की डिमैट शेयर होल्डिंग को अस्थायी रूप से अटैच करने की कार्रवाई की।
अब अभिषेक से पूछताछ में खुल सकते हैं अहम राज
अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी के बाद CBI की पूछताछ को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। एजेंसी उसके कथित पैनल नेटवर्क, फंड कलेक्शन, विदेश में मौजूद संपर्कों और अन्य आरोपियों से संबंधों की जानकारी जुटा रही है। दो दिन की पुलिस रिमांड के दौरान CBI आरोपी से महादेव ऐप के संचालन और पैसों के लेनदेन से जुड़े सवालों के जवाब हासिल करने की कोशिश करेगी।
फिलहाल मामले में जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
