नई दिल्ली: अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत ने अपने हालिया विवादित बयान ‘जनरेशन गटर’ (Generation Gutter) को लेकर सफाई दी है। कंगना ने कहा कि उनका बयान देश के सभी युवाओं के लिए नहीं था, बल्कि उन्होंने कुछ खास लोगों और उनके कथित व्यवहार को लेकर टिप्पणी की थी।
‘जो खुद को कॉकरोच कहते हैं, उन्हें बुरा क्यों लगना चाहिए?’
अपने बयान का बचाव करते हुए कंगना रनौत ने कहा कि जिन लोगों ने खुद की तुलना ‘कॉकरोच’ से की है, उनकी ओर इशारा करते हुए उन्होंने ‘गटर’ शब्द का इस्तेमाल किया था।
कंगना ने कहा, “जो लोग खुद को कॉकरोच कहते हैं और अगर हम यह कहें कि कॉकरोच गटर से ही निकलते हैं, तो इसमें गलत क्या है?”
उन्होंने आगे कहा कि उनका मकसद सभी युवाओं को ‘गटर’ से जोड़ना नहीं था। कंगना के मुताबिक, “मैं खुद को कॉकरोच नहीं मानती। लेकिन अगर कोई दावा करता है कि वह कॉकरोच है, तो जाहिर है कि वह गटर में ही रहेगा।”
‘मैंने सभी युवाओं के बारे में नहीं कहा’
कंगना ने उन आरोपों को भी खारिज किया कि उन्होंने पूरी युवा पीढ़ी को ‘जनरेशन गटर’ कह दिया था। उन्होंने कहा कि किसी खास वर्ग या समूह को संबोधित करने का मतलब यह नहीं है कि पूरी युवा आबादी को उसी नजरिए से देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर युवाओं के एक हिस्से में ड्रग्स, सट्टेबाजी, जुआ या डार्क वेब जैसी चीजों की लत को लेकर बात की जाती है, तो इसका अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि वह सभी युवाओं की बात कर रही हैं।
कंगना ने कहा, “क्या मैंने ऐसा कहा कि सभी युवा गटर से ताल्लुक रखते हैं? मैंने सिर्फ कुछ खास लोगों या महिलाओं का जिक्र किया था।”
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, NEET-UG पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की ओर से किए गए प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। इन वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा और प्रदर्शन के तरीके पर कंगना रनौत ने आपत्ति जताई थी।
कंगना ने इंस्टाग्राम पर इन वीडियो को लेकर टिप्पणी करते हुए इसे ‘जनरेशन गटर’ करार दिया था। इसके बाद उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और आरोप लगाया गया कि उन्होंने युवाओं के एक बड़े वर्ग को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है।
