वॉशिंगटन डीसी / तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सीजफायर (युद्धविराम) वार्ता के दौरान एक बड़ी सैन्य कार्रवाई सामने आई है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास समुद्र में बारूदी सुरंगें (Naval Mines) बिछा रही ईरानी बोट्स और बंदर अब्बास पोर्ट के पास एक सरफेस-टू-एयर मिसाइल साइट को निशाना बनाया है।
⚠️ आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई: अमेरिका
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे ‘सेल्फ-डिफेंस’ (आत्मरक्षा) का कदम बताया है।
खतरे का दावा: सेंटकाम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछाने से अंतरराष्ट्रीय जहाजों और अमेरिकी युद्धपोतों को बड़ा खतरा था।
संयम का दावा: प्रवक्ता ने यह भी साफ किया कि सीजफायर वार्ता को ध्यान में रखते हुए अमेरिका फिलहाल काफी संयम बरत रहा है।
असर: विशेषज्ञों के मुताबिक, इस घटना से बातचीत में कुछ समय के लिए कड़वाहट आ सकती है, लेकिन शांति वार्ता पूरी तरह रुकने की आशंका कम है।
📌 पिछले 24 घंटे के 5 बड़े घटनाक्रम
अमेरिका और ईरान के बीच जारी इस तनाव के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर भी काफी हलचल है। पिछले 24 घंटों की बड़ी बातें इस प्रकार हैं:
- ओबामा जैसी डील मंजूर नहीं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि वे ईरान के साथ पूर्व राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल जैसी कोई कमजोर डील नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “या तो एक बेहतरीन समझौता होगा, या फिर कुछ भी नहीं।”
- दोहा वार्ता के मुख्य मुद्दे: कतर की राजधानी दोहा में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत जारी है। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को खोलना, हाईली एनरिच्ड यूरेनियम (संवर्धित यूरेनियम) पर रोक और ईरान की फ्रीज (जब्त) की गई संपत्तियों को बहाल करना सबसे बड़े मुद्दे बने हुए हैं।
- समझौते पर दस्तखत टले: पहले कयास लगाए जा रहे थे कि रविवार तक सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज खोलने को लेकर औपचारिक समझौता हो जाएगा, लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों के बीच फाइनल दस्तखत नहीं हो सके हैं।
- ईरान में सुप्रीम लीडर सर्वोपरि: समझौते की खबरों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने स्पष्ट किया है कि देश का कोई भी बड़ा और अंतिम फैसला वहां के सुप्रीम लीडर (आयतॉल्लाह अली खामेनेई) की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा।
- हिजबुल्लाह को ईरान का समर्थन बरकरार: इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक संदेश जारी कर लेबनान और हिजबुल्लाह के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। उन्होंने कहा कि ईरान, इजराइल के खिलाफ लेबनान की संप्रभुता और अखंडता के साथ मजबूती से खड़ा है।
