नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में बुधवार को विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घेरा। इस दौरान सदन में जोरदार हंगामा हुआ और कार्यवाही बाधित हो गई।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि गृह मंत्री अमित शाह इस मामले पर सदन में अपनी स्थिति स्पष्ट करें। विपक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ किसी भी तरह की सख्ती लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है। सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया गया और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील की गई।
लोकसभा में बढ़ा सियासी टकराव
मामला इतना बढ़ गया कि सदन में लगातार नारेबाजी और हंगामा हुआ। विपक्षी सांसद अमित शाह के बयान की मांग पर अड़े रहे, जबकि सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
पुलिस कार्रवाई, छात्रों के प्रदर्शन और सरकार की जवाबदेही को लेकर यह राजनीतिक विवाद अब संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष इसे छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों का सवाल बता रहा है, जबकि BJP इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करार दे रही है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
