नई दिल्ली:
देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक और कथित धांधली को लेकर दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर आंदोलन का मुख्य केंद्र बन गया है। युवाओं और छात्रों के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के 24वें दिन आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन में शामिल होकर आतिशी ने प्रदर्शनकारियों और अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के प्रति एकजुटता जाहिर की।
“युवाओं की लड़ाई में हम साथ हैं” – आतिशी
प्रदर्शन स्थल पर युवाओं को संबोधित करते हुए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात साझा करते हुए आतिशी ने कहा:
“जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात की। अनशन के 16वें दिन भले ही उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, लेकिन उनका हौसला बेहद मजबूत है। वह देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं। सोनम और इन युवा ‘कॉकरोचों’ (CJP समर्थकों) को मेरा पूरा समर्थन है।”
आतिशी के अलावा आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार और दिल्ली की पूर्व मेयर शैली ओबेरॉय भी इस आंदोलन को समर्थन देने जंतर-मंतर पहुंचे।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली को लेकर छात्रों और CJP का यह आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और समर्थकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
- परीक्षा प्रणाली में सुधार: छात्रों ने हाथों में ‘थाली-चम्मच’ बजाकर और बैनर-पोस्टर लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बुनियादी सुधार और पूरी पारदर्शिता की मांग की।
- संसद मार्च का एलान: CJP ने अपनी मांगों को लेकर आगामी 20 जुलाई को संसद मार्च करने की भी घोषणा की है।
बिगड़ता स्वास्थ्य और बढ़ता समर्थन
जंतर-मंतर पर CJP के समर्थन में अनशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है। डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, उनका ब्लड प्रेशर कम हुआ है और अनशन के कारण उनका वजन भी करीब 8 किलो से ज्यादा घट गया है। इसके बावजूद वे डटे हुए हैं। विपक्ष के कई बड़े चेहरों और समाजवादी पार्टी के सांसदों ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों की इन मांगों को जायज ठहराया है और केंद्र सरकार से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।
पेपर लीक के इस गंभीर मुद्दे ने अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। आम आदमी पार्टी के इस सीधे समर्थन के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और तेज होने वाला है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
