नई दिल्ली:
भरत तिवारी मामले में न्याय की गुहार अब देश की राजधानी तक पहुंच गई है। कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इस आंदोलन को करणी सेना और परशुराम सेना सहित कई प्रमुख सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने अपना पूरा समर्थन दिया है।
प्रदर्शनकारियों का गंभीर आरोप: ‘फर्जी था एनकाउंटर’
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे परिजनों और समर्थकों का सीधा आरोप है कि भरत तिवारी का एनकाउंटर पूरी तरह से सुनियोजित और फर्जी था। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
सरकार के सामने रखी गईं ये 5 प्रमुख मांगें
चंदन तिवारी और उनके समर्थक संगठनों ने धरने के दौरान सरकार के समक्ष अपनी पांच मुख्य मांगें रखी हैं, जो इस प्रकार हैं:
- दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा: एनकाउंटर की इस कार्रवाई में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस (F.I.R) दर्ज किया जाए।
- आर्थिक सहायता: पीड़ित परिवार को संबल देने के लिए सरकार की ओर से 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाए।
- सरकारी नौकरी: परिवार के एक सदस्य को जीवनयापन के लिए सरकारी नौकरी मुहैया कराई जाए।
- सुरक्षा की गारंटी: पीड़ित परिवार की जान को खतरे को देखते हुए उन्हें उचित सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
- सामाजिक कार्यों को निरंतरता: भरत तिवारी अपने जीवनकाल में जिन सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यों से जुड़े हुए थे, सरकार उन कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी ले।
तेज हो सकती है न्याय की लड़ाई
जंतर-मंतर पर विभिन्न संगठनों के जुटने से अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक सरकार उनकी इन पांचों जायज मांगों को स्वीकार नहीं करती और मामले की निष्पक्ष जांच का लिखित भरोसा नहीं देती, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना इसी तरह जारी रहेगा।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
