रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को प्रदेश की भाजपा सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की जमीन के कथित विवाद से लेकर LPG और दूध की कीमतों में बढ़ोतरी, आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों पर कार्रवाई, नगर निगम में अधिकारियों और महापौर के बीच विवाद, महानदी जल विवाद और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर उन्होंने सरकार से सवाल किए।
RDA की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में भूखंड आवंटन को लेकर हाल के दिनों में विवाद सामने आया है। कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि मंत्री केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी को कचना की जमीन के बदले सड्डू में करीब 23 हजार वर्गफीट का प्लॉट दिया जा रहा है। वहीं, RDA की ओर से कहा गया है कि दावा-आपत्ति मिलने पर संबंधित कमेटी आपत्तियों की जांच करेगी।
RDA जमीन विवाद पर केदार कश्यप को घेरा
RDA जमीन विवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर भूपेश बघेल ने मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधा। उन्होंने पुराने परीक्षा प्रकरण का जिक्र करते हुए केदार कश्यप को लेकर आरोप लगाए और मौजूदा जमीन विवाद पर भी सवाल खड़े किए।
बघेल ने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान केदार कश्यप की पत्नी से जुड़े परीक्षा मामले को लेकर भी विवाद हुआ था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर बार-बार केदार कश्यप से जुड़े विवाद क्यों सामने आते हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब इस बयान में सामने नहीं आया है।
LPG और दूध के दामों पर बोले- महंगाई का असर और बढ़ेगा
रसोई गैस और दूध की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर निशाना साधा। बघेल ने कहा कि आम लोगों पर महंगाई का दबाव आने वाले समय में और बढ़ सकता है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल, LPG और दूध की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल किए।
बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के बजाय लोगों को सलाह देने में ज्यादा ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है।
आयुष्मान योजना को लेकर सरकार से सवाल
आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों पर हो रही कार्रवाई को लेकर भी भूपेश बघेल ने सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि अगर अस्पतालों में अनियमितता या लापरवाही हो रही थी तो सरकार ने इतने समय तक इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की।
बघेल ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे अपने-अपने विभागों के कामकाज पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने इसी दौरान सरकार और उससे जुड़े लोगों को लेकर कई राजनीतिक आरोप भी लगाए।
नगर निगम विवाद पर सरकार के ‘सुशासन’ पर तंज
रायपुर नगर निगम में अधिकारियों और महापौर के बीच चल रहे विवाद को लेकर भी बघेल ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इस स्थिति पर तंज कसते हुए इसे सरकार के ‘सुशासन’ से जोड़कर सवाल उठाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आखिर ऐसी स्थिति पैदा होने के पीछे क्या वजह है और अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के बीच इस तरह का टकराव क्यों सामने आ रहा है। उन्होंने इसे लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
महानदी जल विवाद पर छत्तीसगढ़ के हित में फैसला कराने की मांग
महानदी जल विवाद को लेकर होने वाली बैठक का जिक्र करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ के हित में फैसला कराने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महानदी से जुड़े कई प्रोजेक्ट लंबे समय से महत्वपूर्ण हैं और राज्य के लिए जल संसाधनों का मुद्दा बेहद अहम है।
बघेल ने जल संकट और गर्मी के दौरान पेयजल व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महानदी से जुड़े जल संसाधन कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए सरकार को इस मामले में छत्तीसगढ़ के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
धर्मांतरण के मुद्दे पर बोले- केवल चिंता जताने से काम नहीं चलेगा
धर्मांतरण के मुद्दे पर साहू समाज की ओर से जताई जा रही चिंता को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल गंभीर होने या चिंता व्यक्त करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
बघेल ने कहा कि समाज अपनी ओर से कदम उठा रहा है, लेकिन सरकार को भी इस विषय में स्पष्ट और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के कदम इतने ‘ठोस’ हैं कि उठ ही नहीं रहे।
कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश
भूपेश बघेल के इस बयान में एक साथ कई राज्य स्तरीय मुद्दे शामिल रहे। RDA जमीन आवंटन विवाद, महंगाई, आयुष्मान योजना, नगर निगम की कार्यप्रणाली, महानदी जल विवाद और धर्मांतरण को लेकर उन्होंने सरकार से जवाब मांगा। RDA की आधिकारिक वेबसाइट पर लाभांडी-कचना-जोऱा एवं शंकर नगर क्षेत्र की नगर विकास योजना से संबंधित सूचनाएं भी उपलब्ध हैं।
इन मुद्दों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के आरोपों और सवालों पर सरकार तथा संबंधित मंत्रियों की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया से आगे की राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
