रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद फर्जी वोटिंग, फर्जी पहचान और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है।
चंद्राकर ने युवा कांग्रेस की सदस्यता प्रक्रिया और कथित फर्जी मतदान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सदस्यता देने के लिए चंदे या पैसे का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया में इस तरह की अनियमितताएं हुई हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
फर्जी वोटिंग के आरोपों से गरमाया यूथ कांग्रेस चुनाव
छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में ऑनलाइन वोटिंग प्रक्रिया को लेकर कई शिकायतें सामने आने की रिपोर्ट है। भिलाई में एक प्रत्याशी की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने की भी जानकारी सामने आई है, जिसमें सरकारी ITI में ऑनलाइन वोटिंग कराने और कथित फर्जी पहचान के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं।
अन्य रिपोर्टों में भी फर्जी ID, OTP और With IYC ऐप से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अजय चंद्राकर ने CBI जांच की मांग की
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराने की मांग की। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में यदि फर्जी वोटिंग या सदस्यता से जुड़ी गड़बड़ी हुई है तो इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।
चंद्राकर ने आरोप लगाया कि युवा कांग्रेस में सदस्यता देने के लिए चंदे या पैसे का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया में कथित फंडिंग और सदस्यता से जुड़े मामलों की भी जांच की मांग की है।
सदस्यता प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
अजय चंद्राकर ने युवा कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और सदस्यता प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की कथित गड़बड़ियां पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र को प्रभावित कर सकती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सदस्यता और मतदान प्रक्रिया में पैसे या अन्य माध्यमों से हेरफेर किया गया है तो यह केवल संगठनात्मक चुनाव तक सीमित मामला नहीं रह जाता। इसी वजह से उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
ऑनलाइन वोटिंग और ऐप को लेकर शिकायतें
युवा कांग्रेस का 2026 का संगठनात्मक चुनाव ऑनलाइन माध्यम से कराया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मतदान प्रक्रिया 30 अगस्त से 29 सितंबर तक चली और With IYC ऐप का इस्तेमाल किया गया। चुनाव के दौरान फर्जी वोटिंग और ऐप में कथित गड़बड़ी को लेकर प्रत्याशियों की ओर से सवाल उठाए गए हैं।
भिलाई से सामने आई शिकायत में कथित तौर पर फर्जी पहचान के जरिए ऑनलाइन वोट डलवाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस में शिकायत किए जाने के बाद मामले की जांच की मांग की गई है।
जांच के बाद ही साफ होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल युवा कांग्रेस चुनाव में लगाए गए फर्जी वोटिंग और सदस्यता से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। कुछ रिपोर्टों के अनुसार संगठन की ओर से संदिग्ध वोटों की स्क्रूटनी किए जाने की प्रक्रिया भी चल रही है।
ऐसे में अब अजय चंद्राकर की CBI जांच की मांग के बाद मामला राजनीतिक रूप से और गरमा गया है। यदि जांच होती है तो कथित फर्जी वोटिंग, सदस्यता प्रक्रिया, फंडिंग और ऑनलाइन मतदान प्रणाली से जुड़े आरोपों की वास्तविकता सामने आने की संभावना है।
