रायपुर। असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए पथराव की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडे ने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं ने घटना के पीछे कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने काफिले पर हुए हमले के लिए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है।
CM साय ने भूपेश बघेल पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भूपेश बघेल जब पंजाब के प्रभारी थे, तब भी वहां उनका विरोध हुआ था और अब असम में भी विरोध की स्थिति सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद और विरोध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
सीएम साय ने कांग्रेस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पिछले कार्यकाल का भी उल्लेख किया और कहा कि राज्य की जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया है।
संतोष पांडे बोले- कांग्रेस की गुटबाजी का असर
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडे ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि असम में सामने आई घटना कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि असम कांग्रेस के नेताओं के बीच चल रहा विवाद अब सार्वजनिक रूप से सामने आ रहा है।
संतोष पांडे ने बिहार चुनाव के दौरान भूपेश बघेल की भूमिका का जिक्र करते हुए वहां कांग्रेस नेताओं के बीच हुए कथित विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल जहां जाते हैं, वहां कांग्रेस के भीतर विवाद बढ़ता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस अब असम की घटना का आरोप दूसरे राजनीतिक दलों पर लगाकर अपनी अंदरूनी स्थिति से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। ये भाजपा नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों पर लगाया आरोप
वहीं, असम के नगांव में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर पथराव की घटना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों पर आरोप लगाया है। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के दौरान कुछ वाहनों के शीशे टूटे और एक कांग्रेस नेता को चोट भी लगी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया।
कांग्रेस नेताओं ने घटना की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। भूपेश बघेल और गौरव गोगोई ने घटना के बाद पुलिस-प्रशासन तथा चुनावी व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
घटना के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
नगांव उपचुनाव से पहले हुई इस घटना ने असम के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी बयानबाजी तेज कर दी है। एक तरफ कांग्रेस इसे अपने नेताओं के काफिले पर हमला बता रही है, तो दूसरी ओर भाजपा नेता इसे कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी से जोड़कर देख रहे हैं। घटना की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर जांच जारी है।
