रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने पूछताछ के लिए 6 दिन की ED रिमांड मंजूर की है।
WhatsApp चैट के आधार पर जांच आगे बढ़ी
मामले की सुनवाई के दौरान ED ने चेतन बोरघरिया और आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई कथित WhatsApp चैट का हवाला दिया। जांच एजेंसी इन चैट और उनसे जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। ED का फोकस भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, परीक्षा से जुड़े लेनदेन और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को समझने पर है।
चेतन बोरघरिया वर्ष 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD भी रह चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद CGPSC भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में एक और अहम कड़ी जुड़ गई है।
परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने का दावा
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ED के सामने आई कथित WhatsApp चैट में एक महिला अभ्यर्थी को परीक्षा से पहले प्रीलिम्स का कथित तौर पर 100 प्रतिशत मैच होने वाला पेपर उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। इसके अलावा मेन्स परीक्षा के पेपर के नाम पर करीब 70 लाख रुपये लिए जाने का दावा भी जांच में किया जा रहा है।
ED अब इन कथित लेनदेन की सच्चाई और परीक्षा से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा के पेपर, अभ्यर्थियों और पैसों के लेनदेन के बीच क्या संबंध था।
टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर पहले ही गिरफ्तार
CGPSC भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED इससे पहले छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर चुकी है। अब चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी उनसे पूछताछ के जरिए मामले से जुड़े अन्य लोगों, कथित लेनदेन और भर्ती प्रक्रिया में उनकी संभावित भूमिका के बारे में जानकारी जुटाएगी।
6 दिन की ED रिमांड में होगी पूछताछ
विशेष अदालत ने चेतन बोरघरिया को छह दिनों की ED रिमांड पर भेजा है। रिमांड के दौरान जांच एजेंसी उनसे कथित WhatsApp चैट, परीक्षा से जुड़ी जानकारी, पैसों के लेनदेन और अन्य आरोपियों के साथ संपर्क को लेकर पूछताछ करेगी।
फिलहाल ED की जांच जारी है। मामले में सामने आए आरोपों और जांच एजेंसी के दावों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
