नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रियों के सरकारी आवासों के रखरखाव पर कथित तौर पर बढ़ते खर्च को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरटीआई से मिले आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया है कि लुटियंस दिल्ली में मंत्रियों के आवासों के वार्षिक रखरखाव का खर्च करीब 27 करोड़ रुपये से बढ़कर 92 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
सरकारी स्कूलों पर खर्च करने की मांग
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि सरकारी आवासों के रखरखाव पर होने वाले भारी खर्च का इस्तेमाल देश के सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाएं सुधारने और नए मॉडल स्कूल विकसित करने में किया जाना चाहिए।
उन्होंने ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए PM CARES Fund की राशि को शिक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल करने की मांग भी की।
BJP ने आरोपों को बताया गलत
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने CJP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि PM CARES Fund का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों और आपदा राहत जैसे कार्यों के लिए है। पार्टी का कहना है कि इस फंड का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के तहत किया जाता है।
खर्च और शिक्षा को लेकर सियासत तेज
मंत्रियों के सरकारी आवासों के रखरखाव पर खर्च को लेकर सामने आए इन दावों ने सरकारी खर्च और शिक्षा के लिए संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। CJP ने जहां सरकारी खर्च की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं, वहीं BJP ने PM CARES Fund को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।
