नई दिल्ली: महिला आरक्षण कानून को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन में देरी का मुद्दा उठाया है। वहीं, राहुल गांधी के पुणे में दिए बयान के बाद भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कानून को जल्द लागू कराने में सरकार का सहयोग करने की अपील की है।
पवन खेड़ा का केंद्र पर सवाल
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने महिला आरक्षण कानून को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किया कि संसद के दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बावजूद इसे लंबे समय तक लागू करने की दिशा में कदम क्यों नहीं उठाया गया।
खेड़ा के मुताबिक, महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में 20 सितंबर 2023 और राज्यसभा में 21 सितंबर 2023 को पारित हुआ था। इसके बाद 28 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संसद के दोनों सदनों में इस विधेयक का समर्थन किया था।
पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि सरकार ने कानून को लंबे समय तक नोटिफाई क्यों नहीं किया और महिला आरक्षण को जनगणना तथा परिसीमन की प्रक्रिया से क्यों जोड़ा गया।
पी. चिदंबरम ने भी कांग्रेस का पक्ष रखा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने भी महिला आरक्षण को लेकर भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाला संविधान (106वां संशोधन) विधेयक 2023 में संसद से पारित हुआ था और कांग्रेस ने इसका पूरे दिल से समर्थन किया था।
चिदंबरम ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन को लेकर कांग्रेस का रुख स्पष्ट रहा है।
राहुल गांधी के बयान के बाद भाजपा का पलटवार
दरअसल, राहुल गांधी ने पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक बराबरी को लेकर बयान दिया था। उन्होंने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को दबाने वाली मानसिकता की आलोचना की और महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया।
राहुल गांधी के बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कहा कि यदि कांग्रेस और राहुल गांधी वास्तव में महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में हैं, तो उन्हें महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू कराने की दिशा में सरकार का सहयोग करना चाहिए।
स्मृति ईरानी ने कहा कि संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाली पहल को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का समर्थन करना चाहिए।
लागू करने को लेकर आमने-सामने कांग्रेस-भाजपा
महिला आरक्षण कानून को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। कांग्रेस जहां कानून के क्रियान्वयन को जनगणना और परिसीमन से जोड़ने पर सरकार से सवाल कर रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि कांग्रेस को महिलाओं के अधिकारों पर बयान देने के बजाय कानून को लागू कराने में सरकार का साथ देना चाहिए।
