रायपुर। राजधानी रायपुर में शक्कर की जमाखोरी और कीमतों पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को व्यापारियों के साथ हुई बैठक में शक्कर के स्टॉक और भंडारण की सीमा तय की गई। नए निर्देशों के मुताबिक अब व्यापारी खरीदी गई शक्कर का स्टॉक 30 दिनों से अधिक समय तक अपने पास नहीं रख सकेंगे। वहीं, एक स्थान पर अधिकतम 4000 क्विंटल शक्कर ही स्टोर की जा सकेगी।
30 दिन से ज्यादा स्टॉक रखने पर रोक
अपर कलेक्टर कीर्तिमान राठौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में शक्कर व्यापारियों को स्टॉक को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने कहा कि बाजार में शक्कर की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए व्यापारी अपने खरीदे हुए स्टॉक को 30 दिन से ज्यादा समय तक रोककर नहीं रख सकेंगे।
इसके साथ ही व्यापारियों को अपने स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से प्रशासन के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक जगह 4000 क्विंटल से ज्यादा शक्कर नहीं होगी स्टोर
प्रशासन ने भंडारण की अधिकतम सीमा भी तय कर दी है। अब किसी एक स्थान पर एक समय में 4000 क्विंटल से अधिक शक्कर का भंडारण नहीं किया जा सकेगा।
इस फैसले का उद्देश्य बड़े पैमाने पर शक्कर के भंडारण और संभावित जमाखोरी पर निगरानी रखना है, ताकि बाजार में इसकी आपूर्ति प्रभावित न हो।
स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य
बैठक में व्यापारियों को उपभोक्ता मामले विभाग के आधिकारिक स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा प्रत्येक व्यापारी को हर शुक्रवार अपने कुल शक्कर स्टॉक की घोषणा करना अनिवार्य होगा।
प्रशासन के मुताबिक, इससे बाजार में शक्कर के उपलब्ध स्टॉक की नियमित जानकारी मिल सकेगी और किसी भी तरह की अनियमितता पर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।
व्यापारियों ने जताई सहमति
बैठक के दौरान व्यापारियों ने प्रशासन के नए दिशा-निर्देशों का पालन करने पर सहमति जताई। हालांकि, व्यापारियों ने नियमों को लागू करने में आने वाली कुछ व्यावहारिक परेशानियों से अधिकारियों को अवगत कराया।
अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं पर उचित विचार करने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आवश्यक वस्तु की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए स्टॉक की निगरानी लगातार जारी रहेगी।
