धमतरी/रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने कांग्रेस नेता और पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के धमतरी स्थित घर पर दबिश दी है। बताया जा रहा है कि ED की टीम दो वाहनों में पहुंची, जिसमें करीब 8 अधिकारी शामिल हैं। टीम घर के अंदर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है, जबकि सुरक्षा के लिए जवानों की तैनाती की गई है।
72 करोड़ रुपये की कथित अपराध से अर्जित आय से जुड़ाव का आरोप
ED के अनुसार, जांच के दौरान रामगोपाल अग्रवाल का कथित तौर पर करीब 72 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय से संबंध सामने आया है। एजेंसी का आरोप है कि अग्रवाल को पूछताछ के लिए चार समन जारी किए गए थे, लेकिन वह ED के समक्ष पेश नहीं हुए। हालिया पूछताछ के दौरान भी एजेंसी ने उनके रवैये को कथित तौर पर टालमटोल वाला बताया है।
राजीव भवन में कथित नकदी पहुंचाने का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि कथित शराब घोटाले से हासिल अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया जाता था। ED के आरोपों के मुताबिक, घोटाले से जुटाई गई बेहिसाब नकदी रायपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन तक पहुंचाई जाती थी, जहां कथित तौर पर अग्रवाल को रकम डिलीवर की जाती थी।
जुलाई में EOW ने किया था गिरफ्तार
रामगोपाल अग्रवाल को छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने कथित घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में जुलाई में गिरफ्तार किया था। इसके बाद ED ने भी मामले में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ की। एजेंसी का आरोप है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया।
2019 से 2022 के बीच कथित शराब घोटाला
ED के मुताबिक, कथित शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक हस्तियों से जुड़े एक कथित आपराधिक सिंडिकेट ने आबकारी विभाग को अपने प्रभाव में लेकर अवैध शराब कारोबार से भारी रकम जुटाई।
कई लोगों को बनाया गया आरोपी
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में अब तक सात आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं और करीब 85 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, पूर्व संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया समेत कई नाम शामिल हैं।
