पटना/नई दिल्ली:
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने देश में युवा पीढ़ी (Gen Z) के राजनीतिक आंदोलनों को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है।
दिल्ली में युवाओं द्वारा किए गए हालिया विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भले ही वर्तमान में यह आंदोलन शांत दिखाई दे रहा हो, लेकिन इसका वास्तविक और व्यापक असर अगले एक से दो वर्षों में सामने आएगा।
अन्ना आंदोलन से तुलना, इंस्टाग्राम बना राजनीतिक हथियार
इस आंदोलन की तुलना ऐतिहासिक अन्ना आंदोलन से करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि युवा पीढ़ी ने अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया को एक सशक्त माध्यम बनाया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं ने इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को एक नए राजनीतिक हथियार के रूप में विकसित कर लिया है, जिसके जरिए वे सत्ता और सरकार को अपनी मांगों के आगे झुकने पर मजबूर कर सकते हैं।
‘सरकार के लिए खतरे की बड़ी घंटी’
पीके ने चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं के इस नए राजनीतिक तेवर को सरकार भी अच्छी तरह समझ रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दम पर लामबंद हो रही नई पीढ़ी का यह विरोध प्रदर्शन मौजूदा शासन और राजनीतिक व्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी खतरे की घंटी है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
