शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसूनी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने भयानक तबाही मचाई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ (SEOC) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून से 6 अगस्त के बीच प्राकृतिक आपदाओं और सड़क दुर्घटनाओं में कुल 142 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 224 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
₹797.87 करोड़ का बड़ा वित्तीय नुकसान
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और बादलों के फटने से राज्य के बुनियादी ढांचे को गहरा धक्का लगा है। अब तक प्रदेश को करीब 797.87 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान होने का अनुमान है।
यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
- सड़कें ठप: जगह-जगह लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और सड़कों के धंसने के कारण राज्य में 120 से अधिक सड़कें आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद हैं।
- बिजली-पानी की किल्लत: कई जिलों में सैकड़ों बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी इलाकों में अंधेरा छाया है। इसके अलावा कई पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी, प्रशासन मुस्तैद
मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी कर सभी नागरिकों और पर्यटकों को नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन-संभावित संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
