नई दिल्ली: दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में जम्मू-कश्मीर से जुड़े सामाजिक और छात्र कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन आयोजित कर पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर चिंता जताई। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले का संज्ञान लेने और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पीओजेके में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने और मानवाधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की कि वे पीओजेके की स्थिति पर ध्यान दें और वहां के लोगों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। उन्होंने क्षेत्र में शांति, पारदर्शिता और मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने कहा कि पीओजेके के लोगों की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुना जाना चाहिए और वहां की स्थिति पर निष्पक्ष ध्यान दिया जाना जरूरी है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें न्याय, मानवाधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन की मांग दोहराई गई।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
