बेंगलुरु: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति को लेकर कर्नाटक की राजनीति में घमासान शुरू हो गया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस नियुक्ति से कन्नड़ लोगों में नाराजगी और निराशा है।
प्रह्लाद जोशी, जो कर्नाटक से आने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता हैं, को केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने हाल ही में शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला है।
सिद्धारमैया ने लगाए आरोप
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय के लिए यह फैसला कर्नाटक के लोगों को निराश करने वाला है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक से किसी नेता को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिलना गर्व की बात हो सकती थी, लेकिन इस नियुक्ति को लेकर राज्य में सवाल उठ रहे हैं।
शिक्षा मंत्रालय की नई जिम्मेदारी
प्रह्लाद जोशी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और इससे पहले केंद्र सरकार में कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। शिक्षा मंत्रालय ऐसे समय में उनके पास आया है जब देश में शिक्षा नीति, परीक्षाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है।
भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
सिद्धारमैया के बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने जोशी की नियुक्ति का बचाव करते हुए इसे उनके अनुभव और प्रशासनिक क्षमता पर भरोसे का संकेत बताया है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
