इस्लामाबाद। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी प्रदर्शनों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भारत के समान दुश्मन बताते हुए कहा कि उनके साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी।
PoK में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है। प्रतिबंधित ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने दावा किया है कि झड़पों में उसके 20 कार्यकर्ताओं की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों से बातचीत से इनकार
ख्वाजा आसिफ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह उन्हें भारत की श्रेणी में मानते हैं और पाकिस्तान के दुश्मन के तौर पर देखते हैं।
वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने 38 मांगें रखी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद और मीरपुर पर जबरन कब्जा करना चाहते हैं।
चुनाव और सीटों को लेकर जारी विवाद
JAAC पिछले कुछ समय से PoK विधानसभा की 12 विवादित सीटों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। संगठन का आरोप है कि इन सीटों के जरिए सत्ता में हस्तक्षेप कर पसंदीदा सरकार बनाने की कोशिश की जाती है।
PoK विधानसभा चुनाव में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के बीच मुख्य मुकाबला बताया जा रहा है। वहीं, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने चुनाव का बहिष्कार किया है।
भारत ने चुनाव को बताया अवैध कब्जे को छिपाने की कोशिश
भारत ने PoK में हुए चुनावों को पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे और मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सभी क्षेत्र, जिनमें पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके भी शामिल हैं, भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं।
