वॉशिंगटन / इस्लामाबाद:
गंभीर वित्तीय संकट और कंगाली के मुहाने पर खड़े पाकिस्तान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बहुत बड़ा झटका लगा है। संकट से उबरने के लिए पाकिस्तान द्वारा अमेरिका से मांगी गई 10 अरब डॉलर (लगभग 96,000 करोड़ रुपये) की आर्थिक सहायता को ट्रंप प्रशासन ने पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। मदद देने के बजाय अमेरिका ने पाकिस्तान समेत 60 देशों से होने वाले आयात पर 10% अतिरिक्त टैरिफ (शुल्क) लागू करने का कड़ा फैसला किया है।
‘जबरन श्रम’ नियमों के तहत कार्रवाई
अमेरिकी प्रशासन का यह कठोर कदम ‘जबरन श्रम’ से जुड़े सख्त नियमों के तहत उठाया गया है। ट्रंप प्रशासन के इस निर्णय का सबसे सीधा और घातक असर पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला है।
विश्लेषकों के अनुसार, इस नए टैरिफ के कारण पाकिस्तान के कपड़ा और चमड़ा उद्योग को बहुत भारी नुकसान पहुंचेगा, जो उसकी निर्यात आय का मुख्य आधार हैं।
भारत और चीन पर भी पड़ेगा असर
अमेरिका द्वारा 60 देशों पर लगाए गए इस 10% अतिरिक्त आयात शुल्क की आंच सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं रहेगी। अमेरिका के इस फैसले से भारत और चीन जैसे अन्य प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के निर्यात और द्विपक्षीय व्यापार पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पाकिस्तान के सामने गहराता संकट
- मदद से इनकार: 10 अरब डॉलर (₹96,000 करोड़) का राहत पैकेज खारिज।
- टैरिफ की मार: पाकिस्तान से अमेरिका जाने वाले सामान पर 10% अतिरिक्त शुल्क।
- प्रभावित उद्योग: कपड़ा (Textile) और लेदर एक्सपोर्ट बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका।
अमेरिका के इस कड़े रुख के बाद इस्लामाबाद के प्रशासनिक और आर्थिक गलियारों में खलबली मच गई है, क्योंकि विदेशी मुद्रा की कमी झेल रहे पाकिस्तान के लिए अब अपनी अर्थव्यवस्था को संभालना और भी कठिन हो गया है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
