नई दिल्ली :
प्रसिद्ध शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने देश भर के छात्रों की मांगों को लेकर जारी अपना 26 दिनों का आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। यह कदम केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों द्वारा ठोस आश्वासन मिलने के बाद उठाया गया है।
सरकार और सर्वदलीय सांसदों का आश्वासन
मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की और जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।
सरकार और विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा वांगचुक को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर लिखित भरोसा दिया गया है:
- संसद में चर्चा: आगामी सत्र में NEET पेपर लीक और देश की संपूर्ण परीक्षा व शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही और सुधार पर संसद में विस्तार से चर्चा की जाएगी।
- मुआवजे का प्रावधान: NEET पेपर लीक से आहत होकर जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को सरकार द्वारा उचित मुआवजा देने पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
- प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले होंगे रद्द: शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश से मेदांता में हुआ था शिफ्ट
स्वास्थ्य में गिरावट के चलते सोनम वांगचुक को शुरुआत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, बेहतर चिकित्सीय देखभाल के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उनका अनशन समाप्त हुआ।”
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अनशन का अंत, जवाबदेही की शुरुआत!”
अनशन समाप्त करते हुए सोनम वांगचुक ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि यह देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार और युवाओं के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
