प्रगति और समृद्धि के लिए बेहद अहम: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ऐतिहासिक मोल्दोवा यात्रा, द्विपक्षीय संबंधों को मिली नई ऊंचाई

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चिसीनाऊ (मोल्दोवा):

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपनी तीन यूरोपीय देशों की आधिकारिक यात्रा के पहले चरण में पूर्वी यूरोपीय देश मोल्दोवा पहुँचीं। भारत के किसी भी राष्ट्रपति की मोल्दोवा की यह पहली ऐतिहासिक यात्रा है। चिसीनाऊ स्थित राष्ट्रपति भवन में मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया सांडू (Maia Sandu) ने उनका औपचारिक और भव्य स्वागत किया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई।

वार्ता के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत और मोल्दोवा के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों की साझेदारी “जनता की प्रगति, समृद्धि और कल्याण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

“मुलाकात और चर्चा

  • ऐतिहासिक मील का पत्थर: राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि तीन दशकों से अधिक समय से जारी भारत-मोल्दोवा के मैत्रीपूर्ण संबंधों में यह यात्रा एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होगी, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और घनिष्ठता और बढ़ेगी।
  • व्यापार और निवेश में बढ़ोतरी: दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, लचीली आपूर्ति श्रृंखला (Resilient Supply Chains) को मजबूत करने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर एवं कनेक्टिविटी में सुधार लाने पर सहमति व्यक्त की।
  • ITEC ट्रेनिंग स्लॉट दोगुने: भारत ने मोल्दोवा के पेशेवरों के लिए ITEC (इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) ट्रेनिंग स्लॉट को दोगुना करने का ऐलान किया है, जिसमें आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर डिप्लोमेसी जैसे आधुनिक क्षेत्र शामिल होंगे।
  • जलवायु एवं ऊर्जा साझेदारी: मोल्दोवा के ‘अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन’ (ISA) से जुड़ने का स्वागत किया गया। इसके अलावा, राष्ट्रपति ने मोल्दोवा को ‘आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन’ (CDRI) और ‘ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
  • भारतीय छात्रों और समुदाय का समर्थन: मोल्दोवा में लगभग 1,800 भारतीय मेडिकल छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों देशों ने शिक्षा और जन-से-जन संपर्क (People-to-People ties) को मजबूत करने पर बल दिया।

यूरोप यात्रा का अगला पड़ाव

मोल्दोवा की अपनी एकदिवसीय ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने यूरोपीय दौरे के अगले चरण में उत्तर मैसेडोनिया और उसके बाद रोमानिया के लिए रवाना होंगी।

कूटनीतिक महत्व: विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति का यह दौरा मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ भारत की कूटनीतिक और आर्थिक भागीदारी को एक नए और व्यापक स्तर पर ले जाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

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