IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड फैसले के बाद BJP का AAP पर हमला, गौरव भाटिया बोले- ‘ताहिर हुसैन के साथ अरविंद केजरीवाल भी जिम्मेदार’

Date:

बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए अरविंद केजरीवाल को इस पूरे मामले का “सबसे बड़ा गुनहगार” बताया है। उन्होंने अपने बयान में निम्नलिखित आरोप लगाए

  • केजरीवाल के इशारे पर हुआ सब”: गौरव भाटिया ने आरोप लगाया, “ताहिर हुसैन के साथ-साथ इस घटना का सबसे बड़ा दोषी अरविंद केजरीवाल है, जिसके इशारे पर यह सब कुछ हुआ और जिसने इस पूरे मामले पर पर्दा डालने (cover-up) का काम किया।”
  • राजनीतिक संरक्षण का आरोप: भाटिया ने कहा कि जब यह घिनौना अपराध हुआ, तब ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी का पार्षद था और वह अरविंद केजरीवाल का दाहिना हाथ माना जाता था। केजरीवाल ने दंगाइयों को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण दिया।
  • वोट बैंक की राजनीति पर निशाना: उन्होंने कहा कि उस समय दिल्ली के मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल ने दंगों में मारे गए देश के नागरिकों या कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए आईबी अफसर अंकित शर्मा के लिए एक शब्द भी नहीं बोला। वे दंगाइयों के साथ खड़े रहे क्योंकि वे उनके धर्म को अपना ‘वोट बैंक’ समझते हैं।

कांग्रेस और विपक्षी नेताओं को भी घेरा

बीजेपी प्रवक्ता ने इस मामले में केवल आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस नेतृत्व को भी आड़े हाथों लिया:”

  • गिद्ध राजनीति” का आरोप: भाटिया ने राहुल गांधी के मार्च 2020 के दंगा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वे मस्जिद गए लेकिन अंकित शर्मा के पीड़ित परिवार से मिलने नहीं गए। उन्होंने कांग्रेस और आप के नेताओं को “लाशों पर राजनीति करने वाले गिद्ध” करार दिया।
  • सोनिया गांधी और राहुल गांधी से माफी की मांग: बीजेपी ने मांग की है कि अरविंद केजरीवाल, सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस पूरे मामले के लिए दिल्ली और देश की जनता से बिना शर्त माफी मांगें।

कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला एक नजर में

  • दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार (13 जुलाई 2026) को ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा के अपहरण और हत्या (IPC 302), दंगा भड़काने व सांप्रदायिक दुश्मनी को बढ़ावा देने का दोषी करार दिया है।
  • अभियोजन पक्ष के अनुसार, 25 फरवरी 2020 को दंगाइयों की भीड़ ने अंकित शर्मा को पकड़ लिया था और ताहिर हुसैन के उकसाने पर उनकी बेरहमी से हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया था। उनके शरीर पर धारदार हथियारों के 51 घाव मिले थे।

‘आप’ (AAP) का रुख और राजनीतिक स्थिति

आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन से किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि:2020 में एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर ताहिर हुसैन को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था।

इसके बाद, ताहिर हुसैन ने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में AIMIM के टिकट पर मुस्तफाबाद सीट से चुनाव लड़ा था। इसलिए, वर्तमान में उसका आम आदमी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।

मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

कांग्रेस के CM फेस पर अजय चंद्राकर का तंज बोले- ‘सपना देखने में क्या बुराई है शुक्ला ने किया पलटवार

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों...

असम में गौरव गोगोई-भूपेश बघेल के काफिले पर पथराव कांग्रेस ने BJP पर लगाया आरोप

असम। नागांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार...