कोलकाता:
पश्चिम बंगाल में आगामी 21 जुलाई को आयोजित होने वाली पारंपरिक ‘शहीद दिवस’ (Martyrs’ Day) रैली को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तैयारियों के बीच, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) ऋतब्रत बनर्जी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस आयोजन को लेकर अपना मार्गदर्शन देना चाहती हैं, तो इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
मैदान पर चल रही तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे ऋतब्रत बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि रैली के आयोजन के लिए पूरी लीडरशिप एकजुट होकर काम कर रही है।
“हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं
“ऋतब्रत बनर्जी ने आयोजन स्थल पर चल रही तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए टीम वर्क पर जोर दिया। उन्होंने कहा:
“हम सब यहाँ एक साथ आए हैं, कोई अकेले नहीं आया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, चेयरमैन, और राज्य अध्यक्ष—सभी यहाँ मौजूद थे। डेकोरेटर्स ने हमसे कहा है कि वे पहले स्टेज का पूरा डायग्राम बनाकर हमें दिखाएंगे। उन्होंने सभी के सुझावों को सुना और नोट किया है।
“जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या इस रैली में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से कोई सुझाव या भागीदारी होगी, तो उन्होंने खुले दिल से इसका स्वागत किया और कहा, “अगर वे मार्गदर्शन देना चाहती हैं, तो इसमें कोई समस्या नहीं है।
” जनता की सुविधा के लिए बदला गया रैली का स्थान
दूसरी ओर, टीएमसी के दूसरे गुट के वरिष्ठ नेता अरूप रॉय ने जानकारी दी कि इस बार आम जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए मुख्य आयोजन स्थल में बदलाव किया गया है।
- नया स्थान: इस बार यह बड़ी रैली कोलकाता के मेयो रोड पर महात्मा गांधी की मूर्ति के पास आयोजित की जाएगी।
- ममता बनर्जी को निमंत्रण पर संशय: जब अरूप रॉय से पूछा गया कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस रैली में शामिल होने का न्योता भेजा गया है, तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर अभी पार्टी के अंदर चर्चा होना बाकी है।
टीएमसी के दो गुटों के बीच वर्चस्व की जंग
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो गुटों के बीच चल रहे विवाद के कारण स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है।
ममता बनर्जी गुट
लगातार दशकों से विक्टोरिया हाउस के सामने चली आ रही परंपरा के अनुसार वहीं रैली करने के लिए अड़े हैं और इसके लिए उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
ऋतब्रत बनर्जी बागी गुट
विधानसभा चुनाव के बाद खुद को असली ताकत बताते हुए गांधी प्रतिमा के पास रैली की तैयारियां कर रहे हैं।
पार्टी के भीतर मचे इस घमासान के बीच यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आगामी 21 जुलाई को होने वाले इस शक्ति प्रदर्शन में कौन सा गुट कितना सफल हो पाता है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
