कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की के कथित रेप और हत्या के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना को लेकर लोगों में गुस्सा और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता के कालीघाट इलाके में पार्टी नेताओं, मंत्रियों, विधायकों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ कैंडललाइट मार्च निकालकर पीड़िता को श्रद्धांजलि अर्पित की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कैंडल मार्च के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जा सकते। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रही है और दोषियों को कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
ममता बनर्जी ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उधर, मामले की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है। जांच को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और वैज्ञानिक तथा फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार की आलोचना की है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के कार्रवाई की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बारुईपुर की इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भी पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च आयोजित किए हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे जघन्य अपराधों पर रोक लगाने के लिए त्वरित जांच, सख्त कानूनी कार्रवाई और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले पर राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और आम जनता की नजर बनी हुई है। जांच एजेंसियां लगातार सबूत जुटाने में लगी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस मामले में आगे की महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी।
