नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद मनीष तिवारी का एक रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। पार्टी के नए संगठनात्मक ढांचे में खुद को जगह नहीं मिलने के बाद तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक सांकेतिक संदेश साझा किया, जिसे उनके राजनीतिक भविष्य और पार्टी नेतृत्व से नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।
मनीष तिवारी ने अपने पोस्ट में लिखा, “Whatever will be, will be” (जो होना होगा, होकर रहेगा)। इसके साथ ही उन्होंने एक समाचार रिपोर्ट साझा की, जिसमें पंजाब कांग्रेस के नए कार्यकारी अध्यक्षों और चुनाव समितियों के गठन का जिक्र था। इस फेरबदल में तिवारी को कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई, जिसके बाद उनका यह पोस्ट सामने आया।
तिवारी ने एक अन्य टिप्पणी में कहा कि काश उनके पास व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षाओं का कोई “इलाज” होता। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी राजनीति और नेतृत्व को लेकर असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने किसी नेता या पार्टी का नाम लेकर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया।
दरअसल, कांग्रेस ने पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर बरकरार रखा है, जबकि प्रताप सिंह बाजवा नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा कई नए कार्यकारी अध्यक्षों और चुनाव से जुड़ी समितियों का भी गठन किया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मनीष तिवारी का यह पोस्ट पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान की ओर इशारा करता है। पिछले कुछ समय से तिवारी संगठन में बदलाव और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखते रहे हैं। ऐसे में नए फेरबदल के बाद उनकी प्रतिक्रिया को काफी अहम माना जा रहा है।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से मनीष तिवारी के पोस्ट या उनके असंतोष को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन उनके इस रहस्यमयी संदेश ने पंजाब कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को लेकर नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखना कांग्रेस नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
