NAKTI VILLAGE BREAKING: विधायक कॉलोनी के नाम पर 85 घरों पर सरकार ने चलाया बुलडोजर, करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने खुलकर जताया विरोध

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रायपुर/नया रायपुर, 2 जुलाई 2026
नया रायपुर के नक्ती गांव में मंगलवार सुबह प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में 85 घरों को JCB से तोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि ये कार्रवाई ‘विधायक कॉलोनी’ बनाने के लिए की गई है। क्षत्रीय करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा समाजसेवी वीरेंद्र सिंह तोमर ने 85 से अधिक गरीब परिवारों को बेघर किए जाने का कड़ा विरोध जताया है।

गभग 4000 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में 80 से अधिक मकानों पर 14 बुलडोजर चलाए गए, जिससे 100 से ज्यादा परिवार बेघर हो गए। कार्रवाई के बाद इलाके में भारी तनाव है। बेघर हुए गरीब परिवार के लोग रायपुर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

करणी सेना अध्यक्ष एवं समाजसेवी वीरेंद्र सिंह तोमर का विरोध
समाजसेवी वीरेंद्र सिंह तोमर ने 85 से अधिक गरीब परिवारों को बिना पुनर्वास बेघर किए जाने का कड़ा विरोध जताया। तोमर ने आरोप लगाया कि बारिश के मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं से छत छीनना अमानवीय है।

करणी सेना अध्यक्ष एवं समाजसेवी वीरेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि बारिश के मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं से छत छीनना अमानवीय है। करणी सेना ने इसे ‘गरीब विरोधी कार्रवाई’ बताते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल पुनर्वास की मांग रखी।

इस मामले पर वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि जब से यह घटना घटी है, कई दिनों से लगातार लोग मुझसे सहायता मांग रहे थे, सरकार के इस घृणित कार्रवाई का विरोध करने के लिए मदद की गुहार लगा रहे थे। समाज में ऐसी कोई घटना घटी है जिसमें समाज के ज्यातर लोग प्रभावित हो रहे हैं तो हम सभी की जिम्मेदारी है कि ऐसी किसी घटना का विरोध करें और गरीब लोगों की मदद करें।

करणी सेना ने इसे ‘गरीब विरोधी कार्रवाई’ बताते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल पुनर्वास की मांग रखी।

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क्या है पूरा मामला?
कार्रवाई का समय: मंगलवार सुबह 48 घंटे का नोटिस खत्म होने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
कितने घर टूटे: प्रशासन ने JCB मशीनों से 85 मकानों को ध्वस्त कर दिया।

मौजूद विभाग: कार्रवाई के दौरान नगर निगम, राजस्व विभाग, SDRF, पुलिस समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
वीरेंद्र सिंह तोमर का विरोध

वीडियो में वीरेंद्र सिंह तोमर ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 85 से अधिक गरीब परिवारों को बिना पर्याप्त पुनर्वास व्यवस्था के उजाड़ दिया गया। तोमर ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं, वे सालों से वहां रह रहे हैं।

ग्रामीणों के आरोप
बिना पुनर्वास विस्थापन: ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी पुनर्वास व्यवस्था के हटाया गया।
सरकारी सुविधाएं मौजूद: ग्रामीणों के अनुसार गांव में सालों से बिजली, पानी, स्कूल, शौचालय जैसी सरकारी सुविधाएं दी गई हैं।

अचानक अतिक्रमणकारी घोषित: ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सारी सरकारी सुविधाएं थीं, तो अचानक उन्हें अतिक्रमणकारी घोषित कर घर क्यों तोड़े गए?

कार्रवाई के दौरान तनाव
कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर तनाव और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।

प्रशासन का पक्ष
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई पर विस्तृत आधिकारिक बयान आना बाकी है। ग्राउंड रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रशासन का दावा अतिक्रमण हटाने का है।

वीडियो में उठाए गए सवाल
वीरेंद्र सिंह तोमर और ग्रामीणों ने पूछा है कि अगर ये जमीन विधायक कॉलोनी के लिए चाहिए थी, तो 85 गरीब परिवारों के पुनर्वास का इंतजाम पहले क्यों नहीं किया गया?

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