भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: सरकार के खिलाफ बयान देना पड़ा भारी, मोतिहारी के सिपाही आशीष कुमार तिवारी निलंबित

Date:

पटना/मोतिहारी: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के बीच बिहार पुलिस ने बड़ी विभागीय कार्रवाई करते हुए मोतिहारी पुलिस लाइन में तैनात सिपाही आशीष कुमार तिवारी को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बिहार सरकार और बिहार पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक और अनुशासनहीन बयान दिए। मामले की जांच के बाद विभाग ने इसे सरकारी सेवक के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी कर दिया।

बताया जा रहा है कि आशीष कुमार तिवारी ने खुद को भोजपुर एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी का भाई बताया था। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और एनकाउंटर को लेकर कई विवादित टिप्पणियां भी कीं। उनके बयानों के वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने पूरे मामले का संज्ञान लिया और विभागीय जांच शुरू कराई।

सोशल मीडिया पोस्ट बने कार्रवाई की वजह

जांच में सामने आया कि सिपाही आशीष कुमार तिवारी फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार ऐसे पोस्ट और वीडियो साझा कर रहे थे, जिन्हें विभाग ने सरकारी सेवक के आचरण के विपरीत माना। आरोप है कि उन्होंने सरकारी नीतियों और पुलिस विभाग के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी की, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हुई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी भी सरकारी कर्मचारी को सेवा में रहते हुए बिना अनुमति सार्वजनिक मंचों पर सरकार या विभाग के खिलाफ टिप्पणी करने की अनुमति नहीं होती। ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान है।

सरकारी सेवक आचार नियमावली के उल्लंघन का आरोप

पूर्वी चंपारण पुलिस द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आशीष कुमार तिवारी पर बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2026 के उल्लंघन का आरोप पाया गया है। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) मिलेगा और उन्हें विभाग द्वारा निर्धारित मुख्यालय नहीं छोड़ने का निर्देश भी दिया गया है।

भरत तिवारी एनकाउंटर पर पहले से जारी है विवाद

गौरतलब है कि भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पिछले कुछ दिनों से बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में लगातार बहस जारी है। एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी इस मामले में सवाल खड़े किए हैं।

इसी बीच आशीष कुमार तिवारी के लगातार वायरल हो रहे वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट ने मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया। विभाग का मानना है कि एक सरकारी कर्मचारी द्वारा सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की बयानबाजी सेवा नियमों के विरुद्ध है।

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस राजनीतिक एजेंडा चला रही है: भाजपा सांसद कंगना रनौत

नई दिल्ली: भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने...