नई दिल्ली: NEET पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जन्मदिन पर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनसे इस्तीफा देने की मांग की।
आंदोलन के छठे दिन प्रदर्शनकारियों ने एक व्हाइटबोर्ड पर लिखा, “Happy Birthday Dharmendra Pradhan… Please Resign”। अभिजीत दीपके ने इसे शिक्षा मंत्री के लिए “जन्मदिन का विशेष संदेश” बताते हुए कहा कि देश के लाखों छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
- ‘बर्थडे गिफ्ट’ के तौर पर भेजा इस्तीफा पत्र
प्रदर्शन के दौरान दीपके ने प्रतीकात्मक रूप से एक “इस्तीफा पत्र” भी दिखाया। उन्होंने कहा कि यह पत्र शिक्षा मंत्री के लिए जन्मदिन का उपहार है, जिसमें केवल उनके हस्ताक्षर या अंगूठा लगाने की जरूरत है। उनका दावा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्रालय को लेनी चाहिए।
- सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रदर्शन
इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करते हुए नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं। कई लोगों ने इस अनोखे विरोध के तरीके पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं भी दी हैं।
- सरकार पर लगाए गंभीर सवाल
प्रेस से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी का सोशल मीडिया अकाउंट बिना स्पष्ट कारण बताए ब्लॉक कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी एजेंसियां हर जानकारी को गोपनीय बता सकती हैं, तो फिर NEET परीक्षा का प्रश्नपत्र सुरक्षित क्यों नहीं रखा जा सका?
उनका आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने हजारों छात्रों के भविष्य पर असर डाला है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
CJP का कहना है कि उनका आंदोलन केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं है। संगठन प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक सुधार की मांग कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक जंतर-मंतर पर उनका विरोध जारी रहेगा।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और लगाए गए आरोपों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
