रायपुर। प्रदेश में सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब आबकारी विभाग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए लोगों को अनावश्यक इंतजार का सामना नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार ने विभाग की 53 सेवाओं को ऐसी व्यवस्था के तहत शामिल किया है, जिसमें निर्धारित अवधि के भीतर सेवा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था लागू होने से विभागीय प्रक्रियाओं में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। अब लाइसेंस जारी करने, नवीनीकरण, अनुमति पत्र और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए तय समय-सीमा के भीतर कार्रवाई करनी होगी। इससे लंबे समय से लंबित रहने वाले मामलों में कमी आने की संभावना है।
सरकारी अधिकारियों के लिए भी यह व्यवस्था जवाबदेही सुनिश्चित करेगी। यदि किसी आवेदन का निराकरण निर्धारित अवधि में नहीं किया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और सेवा वितरण प्रणाली अधिक उत्तरदायी बनेगी।
व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोगों का मानना है कि इस कदम से होटल, रेस्टोरेंट, बार और अन्य कारोबारों को काफी राहत मिलेगी। समय पर अनुमति और लाइसेंस मिलने से व्यवसाय संचालन में आसानी होगी तथा निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि समयबद्ध सेवाओं की व्यवस्था से भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी जैसी समस्याओं पर भी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी और कामकाज की प्रक्रिया अधिक सरल बन सकेगी।
सरकार का उद्देश्य नागरिकों और व्यवसायों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। माना जा रहा है कि इस फैसले से न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि राज्य में बेहतर कारोबारी माहौल तैयार करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही आम नागरिकों को भी विभिन्न सेवाओं का लाभ तय समय में मिल सकेगा, जिससे सरकारी तंत्र के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।
