देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की राजनीति में अब स्पष्ट बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां जनता केवल नारों या चुनावी वादों पर नहीं, बल्कि विकास कार्यों, सुशासन और वास्तविक परिणामों के आधार पर अपना जनादेश दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, पारदर्शिता और तेज प्रशासनिक कार्यप्रणाली का नया मॉडल देखा है।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के चुनाव परिणाम इस बात का संकेत हैं कि जनता अब “काम की राजनीति” को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकारों की विश्वसनीयता अब उनके प्रदर्शन और योजनाओं के प्रभाव से तय हो रही है।
- जनता अब नारे नहीं, विकास और सुशासन के आधार पर मतदान कर रही है
- सरकारी योजनाओं का लाभ पहले की तुलना में अधिक तेजी और पारदर्शिता से मिल रहा है
- प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता में सुधार हुआ है
- चुनावी राजनीति में प्रदर्शन और परिणाम अब सबसे महत्वपूर्ण कारक बने
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत की वैश्विक छवि में बड़ा सुधार हुआ है और देश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आज योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
- डिजिटल शासन व्यवस्था से सरकारी कामकाज अधिक पारदर्शी हुआ
- बिचौलियों की भूमिका में भारी कमी आई
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण
- लाभार्थियों तक योजनाओं का सीधा और समयबद्ध लाभ
धामी ने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने गरीब, किसान, महिला और युवा वर्ग के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि अब सरकारी योजनाओं का दायरा अधिक व्यापक हो गया है और हर पात्र व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंच रहा है।
- गरीब वर्ग के जीवन स्तर में सुधार और आर्थिक मजबूती
- महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता में वृद्धि
- किसानों की आय बढ़ाने पर निरंतर फोकस
- युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार
राष्ट्रीय सुरक्षा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नया भारत आतंकवाद के खिलाफ सख्त और स्पष्ट नीति के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हुई है और भारत की वैश्विक स्थिति भी बेहतर हुई है।
- सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सुदृढ़
- आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और सख्त कार्रवाई
- राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में स्पष्टता और मजबूती
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती साख
