रायपुर। राजधानी रायपुर में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में शहर की चर्चित महिला अपराधी मुस्कान रात्रे के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई है। पुलिस और प्रशासन ने उसके आपराधिक रिकॉर्ड तथा क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उसे आगामी तीन माह के लिए रायपुर सहित आसपास के सात जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत की गई है। आदेश के प्रभावी होने के बाद मुस्कान रात्रे निर्धारित अवधि तक संबंधित जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगी। बिना अनुमति प्रवेश करने की स्थिति में उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस रिकॉर्ड में मुस्कान रात्रे के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी देने, मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध शराब कारोबार से जुड़े अपराध शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि उसकी गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा था, जिसे देखते हुए यह कदम आवश्यक माना गया।
इन जिलों में प्रवेश पर लगी रोक
जिला बदर आदेश के तहत मुस्कान रात्रे को अगले तीन महीने तक निम्न जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहना होगा—
- रायपुर (शहरी)
- रायपुर (ग्रामीण)
- दुर्ग
- धमतरी
- महासमुंद
- गरियाबंद
- बलौदाबाजार-भाटापारा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिला बदर का उद्देश्य केवल आरोपी को क्षेत्र से दूर करना नहीं, बल्कि उसके आपराधिक नेटवर्क को कमजोर करना और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना भी है। प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जिला बदर अवधि के दौरान आरोपी प्रतिबंधित क्षेत्र में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी की कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त कानूनी धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। हाल के दिनों में प्रशासन द्वारा आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि शहर में सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखा जा सके।
