नई दिल्ली। दिशा सालियान मौत मामले की CBI जांच के बीच अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को लेकर एक अहम विरोधाभास सामने आया है। एक ओर पुलिस कांस्टेबल के कथित बयान में कहा गया है कि 8 जून 2020 की रात बेहोश दिशा सालियान को शताब्दी अस्पताल दो लड़के और एक लड़की लेकर पहुंचे थे, जबकि मामले से जुड़े अन्य बयानों में दिशा को अस्पताल ले जाने वाले लोगों के तौर पर तीन पुरुषों का जिक्र मिलता है। अब जांच एजेंसी के सामने यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो सकता है कि उस रात दिशा को अस्पताल कौन-कौन लोग लेकर पहुंचे थे और पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज बयानों के बीच यह अंतर क्यों दिखाई देता है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शताब्दी अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात मुंबई पुलिस कांस्टेबल के बयान में डॉक्टर के हवाले से बताया गया था कि एक बेहोश युवती को रात करीब 2:10 बजे दो लड़के और एक लड़की अस्पताल लेकर आए थे। अस्पताल के मेडिकल लीगल केस (MLC) रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी में हिमांशु शिखारे का नाम सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, साथ आई कथित लड़की की पहचान को लेकर रिकॉर्ड में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आती है।
रोहन राय के बयान में दो लोगों का जिक्र
दूसरी ओर, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश में दिशा सालियान के मंगेतर रोहन राय के पूरक बयान का भी उल्लेख है। इसमें कहा गया कि दिशा को उनके दोस्त हिमांशु शिखारे और इंद्रनील वैद्य अस्पताल लेकर गए थे। यही वजह है कि पुलिस कांस्टेबल के बयान में सामने आए “दो लड़के और एक लड़की” और बाद के बयानों में बताए गए लोगों के बीच अंतर अब जांच के दायरे में आ सकता है।
हालांकि, इन बयानों में अंतर अपने आप में किसी आपराधिक घटना का प्रमाण नहीं है। यह भी संभव है कि अलग-अलग समय पर दर्ज बयानों में घटनाक्रम का विवरण अलग तरीके से दर्ज हुआ हो। इसकी वास्तविक स्थिति जांच में उपलब्ध मूल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों से ही स्पष्ट हो सकेगी।
CCTV और डिजिटल रिकॉर्ड से मिल सकते हैं जवाब
अब CBI के सामने इस पूरे घटनाक्रम को दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों से मिलाने की चुनौती होगी। अस्पताल परिसर की CCTV फुटेज, अस्पताल का प्रवेश रिकॉर्ड, वाहन से जुड़ी जानकारी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और उस रात मौजूद लोगों के बयान यह पता लगाने में मदद कर सकते हैं कि दिशा को अस्पताल तक कौन लेकर पहुंचा था।
जांच एजेंसी पहले से उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों की भी दोबारा समीक्षा कर रही है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने दिशा सालियान की मौत के मामले में जांच शुरू की है और एजेंसी पुराने दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड को भी अपने स्तर पर देख रही है।
छह साल बाद फिर जांच के केंद्र में पुराने रिकॉर्ड
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। मुंबई पुलिस ने उस समय आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी और बाद की जांच में मौत को आत्महत्या माना था। अब बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI इस मामले की नए सिरे से जांच कर रही है। कोर्ट ने पिछली जांच में कई विसंगतियों पर सवाल उठाए थे।
CBI की मौजूदा जांच में पुराने बयानों, पुलिस रिकॉर्ड, फोरेंसिक सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को आपस में मिलाकर घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों से जुड़ा यह विरोधाभास भी जांच का एक हिस्सा बन सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित “लड़की” कौन थी और क्या उसकी पहचान से संबंधित कोई अतिरिक्त रिकॉर्ड जांच एजेंसी के पास मौजूद है।
जांच आगे बढ़ने के साथ CCTV, कॉल रिकॉर्ड, अस्पताल के दस्तावेज और गवाहों के बयानों की तुलना से यह स्पष्ट हो सकता है कि 8 जून 2020 की रात दिशा सालियान को अस्पताल पहुंचाने की घटना वास्तव में कैसे हुई थी। अंतिम निष्कर्ष जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
