मुंबई। शिवसेना के स्थापना दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई। मुंबई के कई प्रमुख इलाकों में शिवसेना और शिवसेना (यूबीटी) के समर्थकों के बीच शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। दोनों पक्षों ने पोस्टर, बैनर और कार्यक्रमों के जरिए खुद को पार्टी की असली विरासत का वारिस साबित करने की कोशिश की।
इसी बीच राजनीतिक गलियारों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। शिवसेना के विधान परिषद सदस्य चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं और वे उनके नेतृत्व पर भरोसा जता रहे हैं। हालांकि इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे गुट ने ऐसे सभी दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी के सांसद कहीं जाने वाले नहीं हैं और संगठन पूरी तरह एकजुट है। स्थापना दिवस समारोह के दौरान भी नेताओं ने इन अटकलों को निराधार बताया।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में शिवसेना में हुई बड़ी बगावत के बाद पार्टी दो हिस्सों में बंट गई थी। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को चुनाव आयोग ने शिवसेना नाम और ‘तीर-कमान’ चुनाव चिन्ह प्रदान किया, जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले धड़े को शिवसेना (यूबीटी) के नाम से पहचान मिली।
स्थापना दिवस के मौके पर दोनों गुटों ने बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और विरासत को आगे बढ़ाने का दावा किया। वहीं, ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सामने आ रही खबरों ने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की संभावनाओं को जन्म दे दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह राजनीतिक घटनाक्रम किस दिशा में आगे बढ़ता है।
