दुर्ग: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप को एक महिला दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की सैलरी का बड़ा हिस्सा अपने बेटे के खाते में ट्रांसफर कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। हालांकि, बाद में उन्हें मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
मामला विश्वविद्यालय में कार्यरत अर्द्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे से जुड़ा है। आरोप है कि कुलसचिव नौकरी से निकालने की धमकी देकर महिला पर दबाव बनाते थे और वेतन खाते में आते ही उसका अधिकांश हिस्सा अपने बेटे के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लेते थे। महिला से अपने घर का खाना बनवाने का भी आरोप लगाया गया है।
कुलपति के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने महिला के बैंक स्टेटमेंट और 35 पन्नों के डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड की जांच की। जांच रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2025 से जुलाई 2026 के बीच महिला को कुल 1,77,137 रुपये वेतन मिला, जिसमें से 1,49,384 रुपये (करीब 84.3%) कुलसचिव के बेटे के खाते में ट्रांसफर किए गए।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कलेक्टर दर के अनुसार महिला को हर महीने लगभग 11,515 रुपये वेतन मिलता था, लेकिन ट्रांसफर के बाद उसके पास घर चलाने के लिए केवल करीब 2,000 रुपये ही बचते थे।
जांच समिति ने आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मोहन नगर थाना पुलिस ने कुलसचिव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(4) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और विश्वविद्यालय प्रशासन भी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
