अयोध्या, 2 सितंबर 2026। अयोध्या के भव्य राम मंदिर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। ट्रस्ट के इस फैसले के बाद मंदिर के प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े कामकाज को और अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संभाली थी पश्चिमी कमान की जिम्मेदारी
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों में रहे हैं। वह वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पश्चिमी वायु कमान की जिम्मेदारी उनके पास थी।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब राम मंदिर ट्रस्ट अपने प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। ट्रस्ट के CEO के तौर पर उनसे मंदिर के प्रशासन और विभिन्न व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
38 साल से ज्यादा का सैन्य अनुभव
जितेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना में करीब 38 वर्षों तक सेवा की है। वह फाइटर पायलट, कॉम्बैट इंस्ट्रक्टर और टेस्ट पायलट सहित कई महत्वपूर्ण भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। उनके पास 3,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव होने की जानकारी सामने आई है।
उन्होंने अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं। वह इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में भी अहम पदों पर रह चुके हैं।
कहां से की पढ़ाई?
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), खड़कवासला और एयर फोर्स एकेडमी, डुंडीगल से प्रशिक्षण लिया है। इसके अलावा वह एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल और अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के भी पूर्व छात्र रहे हैं।
उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त किया था। लंबे करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रकार के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए।
राम मंदिर ट्रस्ट में प्रशासनिक भूमिका होगी अहम
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्रा की जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण प्रशासन, व्यवस्थाओं और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की भूमिका अहम है।
रिपोर्टों के अनुसार, CEO का पद मंदिर के प्रशासनिक कामकाज और दीर्घकालिक प्रबंधन योजनाओं को मजबूत करने से जुड़ा होगा। ट्रस्ट ने इससे पहले CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन मंगाए थे और चयन प्रक्रिया के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी।
ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की भी नियुक्ति
राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव के तहत बुधवार को तीन नए सदस्यों की नियुक्ति की जानकारी भी सामने आई है। इनमें दिल्ली के महेश भगचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं।
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के साथ राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि नए CEO के नेतृत्व में मंदिर की व्यवस्थाओं और प्रशासन को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है।
