इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर एक बार फिर कथित ड्रग्स नेटवर्क को लेकर चर्चा में है। राजेंद्र नगर पुलिस ने ब्राउन शुगर की खरीद-फरोख्त के मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई नाना पटवारी और उनके साथी मानव गंगवानी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। जहां पुलिस इसे शहर के बाहरी इलाकों में फार्म हाउसों पर बढ़ते ड्रग्स कल्चर से जोड़कर देख रही है, वहीं कांग्रेस ने इसे सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है।
पैडलर्स की गिरफ्तारी के बाद हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह चेकिंग के दौरान इरफान खान उर्फ गोलू चंदेरी और दानी भाई नामक दो कथित ड्रग्स पैडलर्स को 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर बताया कि यह खेप बिजलपुर क्षेत्र स्थित एक फार्म हाउस में होने वाली पार्टी के लिए मंगवाई गई थी।
पुलिस ने दावा किया कि आरोपितों के बयान के आधार पर नाना पटवारी के मोबाइल की टावर लोकेशन ट्रेस की गई, जो संबंधित फार्म हाउस के आसपास मिली। इसके बाद कथित तौर पर पैडलर से फोन करवाकर डिलीवरी के बहाने नाना पटवारी और उनके साथी मानव गंगवानी को मौके पर बुलाया गया, जहां दोनों को हिरासत में ले लिया गया।
फार्म हाउसों में ड्रग्स पार्टियों की जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंदौर के बाहरी क्षेत्रों में स्थित कुछ फार्म हाउसों का इस्तेमाल कथित तौर पर रेव पार्टियों और ड्रग्स सप्लाई के लिए किए जाने की आशंका की जांच की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
जीतू पटवारी का सरकार पर हमला
भाई की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके भाई को बिना पूर्व सूचना के हिरासत में लिया गया और यह कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।
जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कानून का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और सरकार के खिलाफ बोलने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह के दबाव से न डरेगी और न ही झुकेगी।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बाद ही होगा। वहीं, इस गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
