नई दिल्ली:
संसद के मकर द्वार के बाहर उस वक्त दिलचस्प सियासी नजारा देखने को मिला, जब विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव आपस में बातचीत करते नजर आए। हल्के-फुल्के माहौल में शुरू हुई यह बातचीत जल्द ही पश्चिम बंगाल की राजनीति और कांग्रेस व TMC के पुराने इतिहास पर मुड़ गई।
क्या था पूरा मामला?
संसद परिसर में मीडिया कैमरों के सामने जब नेता आपस में बात कर रहे थे, तो प्रियंका गांधी ने टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी से हंसते हुए कहा कि आपने (TMC ने) कई नेताओं को कांग्रेस से निकालकर अपनी पार्टी में शामिल कराया है।
इस पर तुरंत जवाब देते हुए टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जिक्र किया और कहा:
“आप सब लोग दीदी को… ममता बनर्जी को 1997 में कांग्रेस से निकाल दिया गया था।”
https://www.facebook.com/reel/27968935806129240
राजीव गांधी का जिक्र और प्रियंका की प्रतिक्रिया
कल्याण बनर्जी के इस बयान पर प्रियंका गांधी ने उन्हें याद दिलाते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी ने हमेशा ममता बनर्जी को आगे बढ़ाया और उनका हौसला बढ़ाया था। कल्याण बनर्जी ने भी इस बात को स्वीकार किया और सहमति जताई।
क्यों खास है यह बातचीत?
- विपक्षी एकजुटता और अंदरूनी खिंचाव: विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के नेताओं के बीच संसद में भले ही मंच साझा किया जा रहा हो, लेकिन राज्यों के सियासी समीकरण (विशेषकर पश्चिम बंगाल) और अतीत के फैसले अक्सर सामने आ जाते हैं।
- 1997 का ऐतिहासिक मोड़: 1997 में ममता बनर्जी ने कांग्रेस पार्टी से अलग होकर अपनी नई पार्टी ‘तृणमूल कांग्रेस’ (TMC) का गठन किया था। कल्याण बनर्जी का यह बयान उसी ऐतिहासिक मोड़ की याद दिलाता है।
संसद के बाहर हुई यह अनौपचारिक चर्चा सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
