देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। लगातार बढ़ते ईंधन के दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार, 29 मई 2026 को सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की।
यह पिछले दो सप्ताह से भी कम समय में चौथी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में इजाफा किया है। ताजा बढ़ोतरी के बाद 15 मई से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। इससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है और महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है।
- दिल्ली समेत बड़े शहरों में नए रेट
ताजा बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 99.51 रुपये से बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल 92.49 रुपये से बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
देश के अन्य बड़े शहरों में भी ईंधन के दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है:
- मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर
- कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर
- चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर
विभिन्न राज्यों में लगने वाले वैट और स्थानीय टैक्स के कारण ईंधन की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।
- 15 दिन में चौथी बार बढ़े दाम
मई महीने में तेल कंपनियां लगातार ईंधन के दाम बढ़ा रही हैं। इससे पहले:
- 15 मई को पेट्रोल और डीजल दोनों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी
- 19 मई को 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई
- 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा किया गया
अब 29 मई की नई बढ़ोतरी के बाद वाहन चालकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
- मई 2022 के बाद सबसे महंगा हुआ ईंधन
ताजा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें मई 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। गौरतलब है कि अप्रैल 2022 के बाद लंबे समय तक ईंधन की कीमतों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई थी।
हालांकि मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन अब लगातार हो रही बढ़ोतरी ने उस राहत को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
- क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
उद्योग सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है। तेल विपणन कंपनियां वैश्विक बाजार के हिसाब से धीरे-धीरे खुदरा कीमतों में बदलाव कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आती है तो आने वाले दिनों में ईंधन और महंगा हो सकता है।
- महंगाई बढ़ने का खतरा

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। इसका सीधा असर ट्रांसपोर्टेशन लागत पर पड़ता है, जिससे खाने-पीने की चीजों, सब्जियों, दूध और रोजमर्रा के सामानों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि लगातार बढ़ते ईंधन के दाम महंगाई को और तेज कर सकते हैं, जिससे आम और मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ सकता है।
- देश के 90% ईंधन बाजार पर इन कंपनियों का कब्जा
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मुख्य रूप से तीन सरकारी तेल कंपनियां तय करती हैं:
- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC)
- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL)
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL)
इन तीनों कंपनियों का देश के लगभग 90 प्रतिशत ईंधन बाजार पर नियंत्रण है।
लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब आम जनता सरकार और तेल कंपनियों से राहत की उम्मीद लगाए बैठी है।
