नई दिल्ली: भारत में मेडिकल टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है। सरकार के अनुसार, वर्ष 2023 से 2025 के बीच 18.11 लाख से अधिक विदेशी नागरिक इलाज के लिए भारत आए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, कम लागत और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं के कारण भारत विदेशी मरीजों के लिए एक प्रमुख मेडिकल टूरिज्म डेस्टिनेशन बन रहा है।
सरकार ने बताया कि विदेशी मरीजों की बढ़ती संख्या भारत की स्वास्थ्य सेवा क्षमता और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। हृदय रोग, कैंसर उपचार, ऑर्थोपेडिक सर्जरी, अंग प्रत्यारोपण और अन्य जटिल चिकित्सा सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भारत का रुख कर रहे हैं।
भारत सरकार मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वीजा सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है। देश में कई अस्पताल अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों के कारण वैश्विक मरीजों को आकर्षित कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल टूरिज्म में वृद्धि से स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा। विदेशी मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी भारत को वैश्विक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में मजबूत करने में मदद कर सकती है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
