बिलासपुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुई एक हृदयविदारक घटना ने पूरे राज्य के प्रशासनिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस सनसनीखेज मामले में रेत माफियाओं के आतंक का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है, जहां भाजपा नेता को उनकी फॉर्च्यूनर कार सहित जिंदा जला दिया गया। इस घटना के बाद से पूरे क्षत्रिय समाज और कानून-व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है।
इस गंभीर मुद्दे पर क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
‘इंसाफ नहीं मिला, तो पूरा छत्तीसगढ़ ठप करेंगे’ — वीरेंद्र सिंह तोमर
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए सीधे तौर पर सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“कोरिया जिले की यह हृदयविदारक घटना केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षत्रिय समाज के स्वाभिमान और संवेदनाओं पर एक गहरा और सीधा आघात है। करणी सेना का प्रत्येक कार्यकर्ता इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ एक चट्टान की तरह खड़ा है।”

तोमर ने शासन-प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि समाज के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के प्रश्न पर करणी सेना कभी मौन नहीं रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस हत्याकांड के दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को पूर्ण इंसाफ नहीं मिला, तो पूरे छत्तीसगढ़ में उग्र आंदोलन किया जाएगा और ‘चक्का जाम’ कर पूरे प्रदेश की रफ्तार रोक दी जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
यह खौफनाक घटना कोरिया जिले के सोनहत तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम कटगोड़ी की है। मंगलवार की देर रात रेत उत्खनन (रेत माफिया) को लेकर विवाद इस कदर बढ़ा कि हमलावरों ने भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार के वाहन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
जिंदा जलाया: हमलावरों ने पहले टिपर वाहन से भाजपा नेता की फॉर्च्यूनर कार को कई बार जोरदार टक्कर मारी, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद कार के दरवाजे बंद कर, उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई।
घायलों की स्थिति: इस दर्दनाक हादसे में भाजपा नेता भरत सिंह की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों में वीरू सिंह की हालत भी नाजुक बनी हुई है, जिन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
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प्रशासनिक हलचल और राजनीति
घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी खुद रात में ही मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में मुख्य आरोपियों—अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
वहीं, इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार के सुशासन के दावों को खोखला बताते हुए कहा है कि प्रदेश में रेत कारोबारियों के बीच गैंगवार जैसी स्थिति बन चुकी है। दूसरी ओर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कांग्रेस को इस पर राजनीति करने से बाज आना चाहिए।
लेकिन इस पूरे मामले में अब वीरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में करणी सेना के मैदान में उतरने और ‘चक्का जाम’ की चेतावनी देने के बाद शासन पर जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करने का भारी दबाव बन गया है।
