नरसंहार कांड में न्याय की मांग करते हुए करणी सेना 7 सूत्री मांग रखती है, अन्यथा प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

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कोरिया जिले में एक ही परिवार के कई निर्दोष सदस्यों की निर्मम हत्या एवं अन्य लोगों पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति और शासन-प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।

मैं, वीरेन्द्र सिंह तोमर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष, करणी सेना छत्तीसगढ़, इस जघन्य एवं मानवता को शर्मसार करने वाली घटना पर अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त करता हूँ और छत्तीसगढ़ सरकार से मांग करता हूँ कि दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

वीरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि पीड़ित परिवार लगातार उनके संपर्क में है और परिवार के सदस्यों में गहरा आक्रोश एवं निराशा व्याप्त है। उनका कहना है कि अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन अथवा प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे पीड़ित परिवार स्वयं को असुरक्षित और उपेक्षित महसूस कर रहा है।

करणी सेना छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अंतिम दम तक संघर्ष करेगी। संगठन ने परिवार से किसी भी प्रकार का अतिवादी कदम न उठाने की अपील की है तथा विश्वास दिलाया है कि न्याय की लड़ाई कानूनी और लोकतांत्रिक माध्यमों से जारी रहेगी।

करणी सेना छत्तीसगढ़ अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि यदि शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो करणी सेना प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वाले व्यक्तियों की भी निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
करणी सेना छत्तीसगढ़ का स्पष्ट मत है कि कोरिया नरसंहार के पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए, ताकि प्रदेश की जनता का कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।

छत्तीसगढ़ शासन/प्रशासन से करणी सेना छत्तीसगढ़ की स्पष्ट मांग है कि—

  • दोषियों की अवैध संपत्तियों पर तत्काल बुलडोजर कार्रवाई की जाए।
  • दोषियों को फाँसी की सजा दिलाने हेतु सरकार विशेष अभियोजन की व्यवस्था करे।
  • पूरे मामले की जांच उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए।
  • फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई कर शीघ्र फैसला सुनिश्चित किया जाए।
  • दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वाले तत्वों के विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
  • पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, सुरक्षा एवं सरकारी संरक्षण दिया जाए।
  • मामले की निगरानी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाए ताकि न्याय प्रक्रिया प्रभावित न हो।

करणी सेना छत्तीसगढ़ स्पष्ट चेतावनी देती है कि यदि इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही, राजनीतिक हस्तक्षेप या न्याय में देरी हुई, तो प्रदेश का स्वाभिमानी समाज इसे कतई स्वीकार नहीं करेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत जी के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी लोकतांत्रिक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा और न्याय की आवाज को गांव-गांव तथा शहर-शहर तक पहुंचाया जाएगा।

आज प्रश्न केवल एक परिवार का नहीं है।
प्रश्न यह है कि क्या छत्तीसगढ़ में निर्दोष नागरिक सुरक्षित हैं?
प्रश्न यह है कि क्या अपराधियों में कानून का भय शेष है?
प्रश्न यह है कि क्या पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिलेगा?
करणी सेना छत्तीसगढ़ यह स्पष्ट करती है कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

न्याय नहीं, तो आंदोलन होगा।
दोषियों को दंड नहीं, तो जनता जवाब मांगेगी।
समाज के विश्वास की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ी जाएगी।

जारीकर्ता:
वीरेन्द्र सिंह तोमर
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष
करणी सेना, छत्तीसगढ़

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