नई दिल्ली:
समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव का दावा है कि हिरासत में लेने की कोशिश के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की, उनके कपड़े खींचे और कुर्ता फाड़ने का प्रयास किया।
“गांधी आश्रम का कुर्ता था, इसलिए बच गया”
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि जिस पुलिसकर्मी ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया, उसे वह सामने आने पर तुरंत पहचान सकते हैं। उन्होंने कहा:
“अगर उस पुलिसकर्मी को मेरे सामने खड़ा कर दिया जाए तो मैं तुरंत पहचान लूंगा कि कुर्ता किसने पकड़ा था। इस पूरी घटना की तस्वीरें और वीडियो भी मौजूद हैं। अगर मेरा कुर्ता गांधी आश्रम का मजबूत कुर्ता नहीं होता, तो शायद वह फट चुका होता। मेरी सदरी (जैकेट) भी मजबूत थी, इसलिए वह भी बच गई।”
लोकतांत्रिक प्रदर्शन पर कार्रवाई पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि इस तरह का व्यवहार पुलिस की निष्पक्षता और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा:
- पुलिस संयम से काम ले: शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के दौरान इस तरह की बलप्रयोग वाली कार्रवाई बिल्कुल अनुचित है।
- मर्यादा का पालन हो: पुलिस को अपनी ड्यूटी निभाते समय संयम और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का ध्यान रखना चाहिए।
सपा अध्यक्ष के इन बयानों और आरोपों के बाद प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई को लेकर सियासी बहस तेज़ हो गई है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
