पश्चिम बंगाल (दिन्हाटा/कूचबिहार): पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रहा तनाव आज उस समय चरम पर पहुंच गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व कद्दावर नेता और पूर्व उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा को पुलिस कोर्ट परिसर में पेशी के लिए लेकर पहुंची।
बुधवार को कोलकाता के फूलबागान इलाके से गिरफ्तार किए गए पूर्व मंत्री को जैसे ही भारी सुरक्षा के बीच कूचबिहार कोर्ट लाया गया, वहां पहले से ही मौजूद प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ ने उन्हें घेर लिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया।
अंडे, जूते और नाले की गंदगी से हुआ ‘स्वागत’
जैसे ही उदयन गुहा पुलिस वैन से बाहर निकले, आक्रोशित लोगों ने उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए प्रदर्शनकारियों ने पूर्व मंत्री पर अंडे, जूते और नाले की गंदगी (कीचड़) फेंकना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस अप्रत्याशित हमले से वहां मौजूद पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह पूर्व मंत्री को सुरक्षा कवच देकर अदालत कक्ष के भीतर पहुंचाया।
क्यों हुई है उदयन गुहा की गिरफ्तारी?
पश्चिम बंगाल में नई सरकार (BJP) के सत्ता में आने के बाद उदयन गुहा चौथे ऐसे पूर्व मंत्री हैं जिन्हें कानून के शिकंजे में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज हैं:
- PM आवास योजना में ‘कट मनी’ का आरोप: साल 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना के फंड में हेराफेरी और आम जनता से ‘कट मनी’ वसूलने की शिकायतें दर्ज थीं।
- अस्पताल के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी: दिन्हाटा थाना क्षेत्र में दर्ज शिकायत के मुताबिक, गुहा पर सरकारी अस्पताल में बच्चों की यूनिट (शिशु मंगल समिति) बनाने के नाम पर स्थानीय व्यापारियों और आम जनता से करीब 25 से 30 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप है, जबकि धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।
- चुनावी हिंसा का मामला: इसके अलावा साल 2021 की चुनाव बाद हुई हिंसा (Post-Poll Violence) और डराने-धमकाने के मामलों में भी पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज
इस पूरी घटना पर वर्तमान सरकार और विपक्षी दल (TMC) आमने-सामने आ गए हैं:अदालत परिसर के बाहर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
