कोलकाता:
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को मिली हार के बाद पार्टी के भीतर मची भारी बगावत के बीच, TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने विरोधियों और बीजेपी पर बेहद आक्रामक हमला बोला है। चौतरफा इस्तीफों और अंदरूनी कलह से जूझ रहीं ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि वह झुकने वाली नहीं हैं और जनता के हक के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।
‘एज-शेमिंग’ और बीजेपी पर लगाया मौत की दुआ करने का आरोप
अपने वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने उन लोगों को कड़ा जवाब दिया जो उनकी उम्र को लेकर टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने कहा:
“किसी को भी उसकी उम्र के लिए निशाना (Age-shame) मत बनाओ। चुनाव नतीजों वाले दिन बीजेपी के कुछ असामाजिक तत्वों ने दुआ की थी कि मुझे हार्ट अटैक आ जाए और मेरी मौत हो जाए। लेकिन मैं उनसे कहना चाहती हूं— ‘मैं तब तक जिंदा रहूंगी, जब तक तुम्हारा अंत नहीं देख लेती।'”
भतीजे अभिषेक बनर्जी का किया बचाव, बाकियों को दी जाने की छूट
पार्टी में मची इस बगावत की मुख्य वजह कई नेता ममता के भतीजे और TMC जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व के तौर-तरीकों को बता रहे हैं। हालांकि, ममता बनर्जी ने मजबूती से अभिषेक का बचाव किया और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को ‘गद्दार’ कहते हुए जनता से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके नेताओं को केंद्रीय एजेंसियों और पुलिस के जरिए डराया-धमकाया जा रहा है।
ममता ने कड़े शब्दों में कहा, “हमारे कुछ नेताओं को डराया जा रहा है। जिन्हें जाना है, वे शौक से जा सकते हैं। अगर मैं 2006 में शून्य से शुरुआत कर पार्टी खड़ी कर सकती हूं, तो 2026 में भी ऐसा दोबारा कर सकती हूं।”
मुख्य बातें जो ममता बनर्जी ने अपनी स्पीच में कहीं:
- नए लोग जुड़ रहे हैं: ममता बनर्जी ने दावा किया कि भले ही कुछ लोग डर या स्वार्थ के कारण पार्टी छोड़ रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में नए कार्यकर्ता और आम लोग लगातार TMC से जुड़ रहे हैं।
- पुलिस पर गंभीर आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बीजेपी के कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रही है और TMC नेताओं को धमकी दे रही है कि या तो बीजेपी में शामिल हो जाओ या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहो।
- चुनाव नतीजों पर सवाल: हालिया विधानसभा चुनाव में मिली हार पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “हमें जबरदस्ती हराया गया है, और एक दिन यह बात सबके सामने साबित होकर रहेगी।”
क्या है पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली शिकस्त के बाद से ही TMC में बिखराव का माहौल है। हाल ही में वरिष्ठ विधायक मदन मित्रा सहित कई बड़े नेताओं ने बगावती रुख अपनाते हुए बागी खेमे का दामन थाम लिया है, जिससे पार्टी संकट में आ गई है। आगामी 21 जुलाई (शहीद दिवस) पर दोनों गुटों द्वारा अलग-अलग कार्यक्रम करने की तैयारी है, जिससे यह साफ है कि बंगाल की राजनीति में आने वाले दिन और भी ज्यादा गरमाने वाले हैं।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
