नई दिल्ली: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी विदेश में हुई पढ़ाई और संगठन की फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों का कड़ा जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में उनकी पढ़ाई स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के ज़रिए पूरी हुई थी। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे इससे जुड़े सभी दस्तावेज और पत्र सार्वजनिक करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
इसके साथ ही अभिजीत दीपके ने राजनीतिक विरोधियों और नेताओं पर सीधा निशाना साधते हुए चुनौती दी कि अगर एक आम युवा से उसके शैक्षणिक रिकॉर्ड का हिसाब मांगा जा रहा है, तो दूसरे बड़े नेताओं को भी अपनी डिग्रियां सार्वजनिक करनी चाहिए।
स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से हुई पढ़ाई: विदेश में उच्च शिक्षा के खर्च पर उठे सवालों को खारिज करते हुए दीपके ने बताया कि उन्होंने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है, जिसका खर्च यूनिवर्सिटी स्कॉलरशिप और बैंक से लिए गए एजुकेशन लोन से उठाया गया।
- नेताओं की डिग्री पर पूछा सवाल: दीपके ने कहा, “यदि मुझसे मेरी पढ़ाई का प्रमाण मांगा जा रहा है, तो क्या देश के बाकी नेता भी जनता के सामने अपनी असली डिग्रियां सार्वजनिक करेंगे?”
- RTI आवेदन से शुरू हुआ विवाद: एक RTI आवेदन में उनके पिता की आय, पारिवारिक आर्थिक स्थिति, विदेश में पढ़ाई के खर्च और CJP के लीगल डिफेंस फंड की जांच की मांग की गई थी।
- पारदर्शिता का दावा: दीपके ने कहा कि वे अपनी पढ़ाई के लोन और स्कॉलरशिप के कागजात दिखाने में झिझकते नहीं हैं और अपने संगठन के काम-काज तथा फंडिंग में पूरी पारदर्शिता बनाए रखेंगे।
अभिजीत दीपके का बयान:
“अगर कोई आम लड़का विदेश जाकर अपनी योग्यता पर पढ़ता है, तो उस पर सवाल उठाए जाते हैं। मैं अपने लोन और स्कॉलरशिप के सारे दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हूँ। लेकिन क्या सवाल उठाने वाले नेता भी अपनी डिग्रियों का हिसाब देंगे?”
क्या है विवाद की पृष्ठभूमि?
सूरत के एक एक्टिविस्ट द्वारा दायर RTI आवेदन में महाराष्ट्र सरकार और अन्य अधिकारियों से यह जांच करने की मांग की गई थी कि एक मध्यमवर्गीय परिवार का युवा विदेश में पढ़ाई का खर्च कैसे वहन कर सका। इसी के जवाब में अभिजीत दीपके ने यह वीडियो जारी कर तमाम आरोपों का खंडन किया है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
